July 23, 2026

Naval Times News

निष्पक्ष कलम की निष्पक्ष आवाज

हरिद्वार: पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन ने गोल्डन कार्ड योजना की विसंगतियों पर उठाई आवाज, सामूहिक ऑप्ट आउट की दी चेतावनी

हरिद्वार: गवर्नमेंट पेंशनर्स वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन की जिला स्तरीय बैठक यूनियन भवन में आयोजित हुई, जिसमें राज्य के पेंशनर्स से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में विशेष रूप से राज्य सरकार की गोल्डन कार्ड स्वास्थ्य योजना में व्याप्त विसंगतियों को पेंशनर्स की सबसे गंभीर समस्या बताते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की गई।

बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष बी.पी. चौहान ने की, जबकि संचालन जे.पी. चाहर ने किया। दोनों पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि गोल्डन कार्ड योजना में व्याप्त खामियों को दूर नहीं किया गया तो पेंशनर्स सामूहिक रूप से योजना से ऑप्ट आउट करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना कल्याणकारी राज्य की जिम्मेदारी है, लेकिन राज्य सरकार इस दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन नहीं कर रही है।

वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कैशलेस चिकित्सा सुविधा के नाम पर पेंशनर्स से करोड़ों रुपये की कटौती की जा रही है, जबकि इलाज के लिए उन्हें अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। यदि प्रतिपूर्ति का विकल्प अपनाया जाता है तो उसका भुगतान भी लगभग दस महीने बाद और अधूरा किया जाता है। उन्होंने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण पर भी सवाल उठाते हुए इसे पेंशनर्स के धन पर पलने वाला सफेद हाथी बताया।

वरिष्ठ उपाध्यक्ष एल.सी. पाण्डेय और आर.के. जोशी ने कहा कि सरकारें लगातार पेंशनर्स की समस्याओं की अनदेखी कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो वरिष्ठ नागरिक श्रेणी के पेंशनर्स व्यापक और प्रभावी आंदोलन शुरू करेंगे।

उपाध्यक्ष सुखवंश सिंह और संयुक्त मंत्री ओ.पी. तिवारी ने 30 जून और 31 दिसंबर को सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को एक वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर मिलने वाली वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ सेवानिवृत्ति की तिथि से नॉशनल आधार पर पेंशन में दिए जाने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि कई उच्च न्यायालयों के निर्णयों तथा पड़ोसी राज्यों में लागू व्यवस्था के अनुरूप उत्तराखंड सरकार को भी 31 दिसंबर 2025 के शासनादेश में संशोधन करना चाहिए।

बैठक में एस.पी. चमोली ने आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस तथा वित्त विधेयक-2025 पर चर्चा करते हुए पेंशनर्स के हितों की रक्षा के लिए जनमत तैयार करने का आह्वान किया।

बैठक में भूपेंद्र सिंह, हरिकेश अकेला, धर्मानंद कांडवाल, कैलाश चंद शर्मा, अतर सिंह, रमेश चंद्र पंत, उमाशंकर पांडेय, मोहन लाल शर्मा, महेश गुप्ता, एम.के. अग्रवाल, अशोक गुप्ता, आर.के. जोशी, ई.के.सी. जोशी, ई.पी.के. सिंह, स्वदेश सिंह चौहान, मनोज शर्मा सहित अनेक सदस्यों ने अपने विचार रखे।

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