हरिद्वार: देहरादून विजिलेंस की टीम ने शुक्रवार को हरिद्वार में बड़ी कार्रवाई की है। हरिद्वार स्थित जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) कार्यालय में तैनात एक कर्मचारी को विजिलेंस ने ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
इस कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, जिला पूर्ति अधिकारी श्याम आर्य के सहायक गौरव शर्मा पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे थे। बताया जा रहा है कि एक व्यक्ति से किसी विभागीय कार्य को पूरा करने की एवज में गौरव शर्मा ने ₹50,000 की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी शिकायत देहरादून विजिलेंस मुख्यालय में की, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया।
रंगे हाथों हुई गिरफ्तारी
शुक्रवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने जिला पूर्ति कार्यालय में सहायक गौरव शर्मा को रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से मुस्तैद विजिलेंस की टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने उसके पास से रिश्वत के ₹50,000 भी बरामद कर लिए हैं।
कार्यालय में मची अफरा-तफरी
विजिलेंस की इस औचक कार्रवाई से जिला पूर्ति कार्यालय में सनसनी फैल गई। अन्य कर्मचारी और अधिकारी कुछ समझ पाते, उससे पहले ही टीम ने आरोपी को अपनी हिरासत में ले लिया। फिलहाल विजिलेंस की टीम आरोपी गौरव शर्मा को किसी गुप्त स्थान पर ले जाकर पूछताछ कर रही है।
जांच का दायरा बढ़ने की उम्मीद
सूत्रों का कहना है कि विजिलेंस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस रिश्वतकांड में कार्यालय के अन्य बड़े अधिकारी या कर्मचारी भी शामिल हैं। आरोपी के दस्तावेजों और मोबाइल रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है ताकि मामले की तह तक जाया जा सके।
मुख्य बिंदु:
- आरोपी: गौरव शर्मा (सहायक, जिला पूर्ति अधिकारी कार्यालय)।
- रिश्वत की राशि: ₹50,000 नगद।
- कार्रवाई करने वाली टीम: विजिलेंस विभाग, देहरादून।
- वजह: विभागीय कार्य के बदले रिश्वत की मांग।


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