हरिद्वार, 13 सितम्बर। बीएचईएल हरिद्वार के रक्षा एवं एयरोस्पेस विभाग द्वारा भारतीय नौसेना के लिए निर्मित सुपर रैपिड गन माउंट (एसआरजीएम) तोप को भेल के कार्यपालक निदेशक टी. एस. मुरली ने हरी झंडी दिखाकर बालासोर (उड़ीसा) के लिए रवाना किया।
इस दौरान कार्यपालक निदेशक टी. एस. मुरली ने कहा कि यह तोप देश की समुद्री सीमाओं की सुरक्षा में बेहद अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि इस तोप का निर्माण एवं आपूर्ति प्रत्येक बीएचईएल कर्मी के लिए आत्मगौरव का विषय है।
उल्लेखनीय है कि यह तोप 35 किलोमीटर के दायरे में हवा, पानी और समुद्र में विभिन्न प्रकार के लक्ष्यों को भेद सकती है। साथ ही लक्ष्य की स्थिति के आधार पर विभिन्न प्रकार के गोला बारूद का चयन करने में भी सक्षम है।
भारतीय नौसेना द्वारा बीएचईएल को दिए गए 38 अपग्रेडेड एसआरजीएम तोप के आर्डर के अंतर्गत निर्मित यह पहली तोप है। इसके बाद बीएचईएल द्वारा 37 और अपग्रेडेड एसआरजीएम तोप की आपूर्ति की जाएगी।
बीएचईएल पिछले तीन दशकों से भारतीय नौसेना के लिए एसआरजीएम का निर्माण कर रहा है तथा अब तक कुल 44 तोप की आपूर्ति भी कर चुका है।
इस अवसर पर भेल महाप्रबंधक, वरिष्ठ अधिकारी, भारतीय नौसेना तथा इटली की सहयोगी कंपनी लियोनार्डो के प्रतिनिधि, रक्षा एवं एयरोस्पेस विभाग की टीम तथा यूनियन एवं एसोसिएशन के प्रतिनिधि मौजूद रहे।


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