देवेंद्र सक्सेना, कोटा: राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा में दिनांक 5 अगस्त 2025 को प्राचार्य डॉ सीमा चौहान की अध्यक्षता में इतिहास विभाग की छात्राओं के द्वारा मॉडल एवं प्रोजेक्ट वर्क का प्रदर्शन एवं प्रस्तुतीकरण किया गया।
इतिहास विभाग अध्यक्ष डॉ बबीता सिंघल ने शैक्षणिक कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय कला, स्थापत्य और सांस्कृतिक विरासत की गहन समझ को व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करना है।
छात्राओं ने इतिहास के विविध कालखंडों के अनुसार यथा प्राचीन काल, मध्यकाल, आधुनिक काल तथा राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से संबंधित विविध मॉडल और फ्लेक्स तैयार किये ।
विशेष रूप से दक्षिण भारतीय मंदिर स्थापत्य पर आधारित दो प्रमुख मंदिरों – बृहदेशवर, तंजौर एवं मीनाक्षी मंदिर, मदुरई पर मॉडल बनाएं तथा हाडोती के प्रमुख सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक स्थल, मध्यकाल की प्रमुख ऐतिहासिक इमारतें और मेवाड़ रियासत के प्रमुख दुर्ग व सांस्कृतिक विरासत को प्रोजेक्ट वर्क में दिखाने का प्रयास किया सभी प्रतिभागी छात्राओं ने विषय वस्तु पर जीवंतता के साथ प्रस्तुति दी।
प्रस्तुतीकरण के दौरान दृश्य एवं श्रव्य सामग्री एवं चार्ट्स का प्रयोग किया गया प्राचार्य डॉ सीमा चौहान ने छात्रों का उत्साह वर्धन करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं के लिए न केवल एक शैक्षणिक अभ्यास है अपित इनके माध्यम से विद्यार्थी भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को गहराई से समझने एवं अनुभव करने का प्रयास करते हैं ।डॉप्रेरणा शर्मा ने कहा कि इस तरह के प्रस्तुतीकरण से विद्यार्थियों में व्यावहारिक और अनुभावनात्मक शिक्षा का विकास होता है।
डॉ राजेंद्र माहेश्वरी जी ने कहा कि इतिहास विभाग द्वारा यह एक नवाचार किया गया है जो छात्राओं को एक नवीन दिशा प्रदान करेगा। कार्यक्रम का संचालन डॉ मिथिलेश सोलंकी द्वारा किया गया ।इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रमुख संकाय सदस्य डॉ अनीता तंबोली, डॉ सोमवती शर्मा, श्रीमती मीरा गुप्ता ,डा बिंदु चतुर्वेदी ,डॉ सुनीता शर्मा, डॉ अश्मि आदि उपस्थित रहे एवं छात्राओ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।


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