धनौरी पी.जी. कॉलेज, हरिद्वार के चित्रकला विभाग द्वारा एक आंतरिक फैकल्टी विकास कार्यक्रम (Internal Faculty Development Program) का आयोजन किया गया, जिसका विषय था — “तनाव प्रबंधन में कला की भूमिका”।
कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार के निर्देशन में हुआ। इस अवसर पर कॉलेज के सभी शिक्षक, शिक्षणोत्तर कर्मचारी एवं अन्य सदस्य सम्मिलित रहे।
मुख्य वक्ता के रूप में आमंत्रित सुश्री मोनिका रानी जी ने अपने व्याख्यान में बताया कि कला केवल सौंदर्य की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि यह मानसिक संतुलन बनाए रखने और तनाव को कम करने का एक प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि चित्रकला, संगीत, नृत्य, लेखन आदि रचनात्मक विधाएँ व्यक्ति के भीतर की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा प्रदान करती हैं।
कार्यक्रम का संचालन डॉ निधि शर्मा द्वारा किया गया।
सत्र के अंत में प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रतिभागियों ने विषय की गहराई को और समझा। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विभाग के सभी संकाय सदस्यों का सहयोग सराहनीय रहा।
अंत में उपस्थित जनों ने इस आयोजन के लिए प्राचार्य महोदय एवं चित्रकला विभाग का आभार व्यक्त किया।



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