उत्तरकाशी, चिन्यालीसौड़, 26 फरवरी 2026: महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में UCOST द्वारा प्रायोजित बौद्धिक संपदा अधिकार विषय पर आयोजित व्याख्यानमाला के अंतर्गत तृतीय व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में ऑनलाइन रूप से जुड़ीं प्रथम वक्ता के रूप में प्रसिद्ध साहित्यकार, लेखिका एवं कवयित्री निर्देश निधि जी ने “साहित्यिक कृतियों में कॉपीराइट: संरक्षण एवं उल्लंघन की चुनौतियां” विषय पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने साहित्यिक रचनाओं के अधिकार, डिजिटल युग में बढ़ती साहित्यिक चोरी की समस्याओं तथा रचनाकारों के कानूनी संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को मौलिक लेखन के महत्व को समझाते हुए कॉपीराइट नियमों की जानकारी भी दी। साथ ही उन्होंने अपनी स्वरचित कहानियों, कविताओं एवं रेखाचित्रों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रेरित किया। 
द्वितीय वक्ता के रूप में Uttarakhand State Council for Science and Technology (UCOST) के वैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषज्ञ हिमांशु गोयल जी ने ऑनलाइन जुड़कर “Design and Creative Thinking for Innovative Ecosystem” विषय पर व्याख्यान दिया।
उन्होंने नवाचार, डिजाइन थिंकिंग और स्टार्टअप के संदर्भ में बौद्धिक संपदा की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार रचनात्मक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के माध्यम से एक सशक्त इनोवेशन इकोसिस्टम का निर्माण किया जा सकता है।
महाविद्यालय के प्राचार्य एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रोफेसर प्रभात द्विवेदी जी ने अपने संबोधन में कहा कि बौद्धिक संपदा अधिकार आज के ज्ञान-आधारित समाज की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि साहित्य, विज्ञान और तकनीक—तीनों क्षेत्रों में मौलिकता का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे सृजनात्मकता के साथ-साथ उसके विधिक संरक्षण के प्रति भी सजग रहें। प्राचार्य प्रो. द्विवेदी ने दोनों वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके व्याख्यानों ने विद्यार्थियों को न केवल विधिक जानकारी प्रदान की, बल्कि रचनात्मकता की नई दिशा भी दी।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे तथा उन्होंने दोनों वक्ताओं से प्रश्न भी पूछे।
अंत में महाविद्यालय के IPR प्रकोष्ठ के प्रभारी एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ अशोक कुमार अग्रवाल ने सभी के प्रति आभार प्रकट किया।
मंच संचालन डॉ सुगंधा वर्मा ने किया, तकनीकी सहयोग डॉ बृजेश चौहान एवं डॉ आलोक बिजल्वाण ने दिया और विद्यार्थियों में से साहिल और आयशा ने सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम में डॉ यशवंत पंवार, डॉ नेहा बिष्ट, डॉ आराधना राठौर, डॉ मंजू पांडे, डॉ कुलवीर सिंह राणा भी उपस्थित रहे।


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