March 1, 2026

Naval Times News

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अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के तृतीय दिवस प्रतिभागियों ने किया नीलकंठ धाम आध्यात्मिक एवं साहसिक शैक्षणिक भ्रमण

नरेन्द्रनगर: धर्मानंद उनियाल राजकीय महाविद्यालय, नरेंद्रनगर (टिहरी गढ़वाल) में आयोजित “विकसित भारत@2047: समावेशी एवं सतत विकास की बहुआयामी दृष्टि” विषय पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के तृतीय दिवस प्रतिभागियों के लिए नीलकंठ धाम का आध्यात्मिक एवं साहसिक शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया।

इस भ्रमण में दिल्ली विश्वविद्यालय की डॉ. रेणु कीर, दक्षिण अफ्रीका से शोध छात्रा मिसेल, जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय के शोधार्थी बिस्वास एवं शाभावी सहित अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

महाविद्यालय के स्टाफ सदस्यों अजय, आदित्य और विशाल त्यागी के साथ छात्र छात्राएँ आयुषी, आयुशी गंगोटी आदि ने भी इस यात्रा में सक्रिय भाग लिया। भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने प्राकृतिक सौंदर्य, आध्यात्मिक वातावरण तथा साहसिक मार्गों का अनुभव करते हुए भारतीय संस्कृति और प्रकृति के अद्भुत समन्वय को निकट से जाना।

समापन अवसर पर संगोष्ठी के प्रथम से तृतीय दिवस तक आयोजित सभी शैक्षणिक एवं तकनीकी सत्रों की संक्षिप्त समीक्षा प्रस्तुत की गई। संयोजक डॉ. संजय कुमार ने अपने वक्तव्य में कहा कि तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ने विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए युवा, महिला, कृषि, नवाचार तथा वैश्विक चुनौतियों के संदर्भ में समावेशी एवं सतत विकास पर सार्थक विमर्श का सशक्त मंच प्रदान किया।

उन्होंने सभी वक्ताओं, शोधार्थियों, प्रतिभागियों, सहयोगी संस्थानों तथा आयोजन मंडल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह संगोष्ठी अकादमिक संवाद, शोध सहयोग और राष्ट्रीय विकास के संकल्प को नई दिशा देने में सफल रही है।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. प्रणीता नंद ने अपने उद्बोधन में कहा कि तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी ज्ञान-विनिमय, शोधपरक चर्चा और वैश्विक दृष्टिकोण के समन्वय का एक उत्कृष्ट उदाहरण सिद्ध हुई है।

उन्होंने प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे आयोजन भविष्य में भी अकादमिक उत्कृष्टता तथा राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य को सुदृढ़ करते रहेंगे।

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