डी पी उनियाल, गजा: उत्तराचंल उत्थान परिषद देहरादून और हितायु लोक कल्याण समिति नागणी के संयुक्त तत्वावधान मे माँ सुरकंडा जूनियर हाई स्कूल नागणी मे हिमालय दिवस धूमधाम से मनाया गया।
विध्यालय मे छात्रों की प्रतियोगिता भी आयोजित की गई साथ ही हिमालय बचाने के लिए पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया गया, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीज बचाओ आन्दोलन के प्रणेता व इंदिरा गाँधी पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित विजय जरधारी एवं हितायु लोक कल्याण समिति के सचिव दिवाकर पैन्यूली ने सरस्वती माता के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
पर्यावरण विद्ध विजय जरधारी ने छात्र छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि अपने घर गाँव के आसपास और अपने विद्यालय में हमे स्वच्छता पर ध्यान रखना है, जल स्रोतों व पीने के पानी को भी दूषित नहीं होने देना है, घर परिवार व विद्यालय में हर ख़ुशी के मौके पर एक पेड़ लगाकर उसकी देखरेख की जिम्मेदारी होनी जरुरी है, गीला कूड़ा व सूखा कूड़ा भी रास्तों व जंगलों में नहीं फेंकना चाहिए, घर के पास ही गड्ढे बनाकर उसमें कूड़ा निस्तारण करने से वायु स्वच्छ रहेगी।
उन्होंने कहा कि प्रकृति से ही पर्यावरण संरक्षण होगा, अगर हम सब मिलकर इन बातों का ध्यान रखेंगे तो निश्चित रूप से हिमालय पर मंडराते खतरे को कम किया जा सकता है, इस अवसर पर निबंध प्रतियोगिता भी आयोजित की गई जिसमें आर्यन प्रथम, शिवानी व आरब क्रमशः दूसरे व तीसरे स्थान पर रहे।
कार्यक्रम में हितायु लोक कल्याण समिति के सचिव दिवाकर पैन्यूली, सामाजिक कार्यकर्ता विनोद जरधारी, प्रधानाध्यापक आर एल बहुगुणा, नरेश चंद्र बहुगुणा, अंजलि तिवारी तथा विद्यालय के सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे दूसरी ओर शिखर स्कालर्स ऐकेडमी हाई स्कूल गजा व राजकीय जूनियर हाई स्कूल पेंद्रास (क्वीली) मे भी हिमालय दिवस धूमधाम से मनाया गया।
यहाँ पर सभी शिक्षकों, शिक्षिकाओं व छात्र- छात्राओं ने पर्यावरण संरक्षण की शपथ ली, हिमालय दिवस पर कहा कि हिमालय बचेगा तो जीवन बचेगा, हिमालय केवल पर्वत श्रृंखला नहीं है, यह जीवन दाता भी है, हिम ग्लेशियर पिघलने से धरती पर संकट है इसलिए पर्यावरण संरक्षण जरुरी है।


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