टिहरी गढ़वाल, 15 सितंबर 2026: राजकीय महाविद्यालय कमांद, टिहरी गढ़वाल में आज ‘लोकतंत्र दिवस’ के पावन अवसर पर एक भव्य विधिक साक्षरता एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य अतिथियों, न्यायिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर गौरी सेवक, मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया। प्राचार्या महोदया ने अपने स्वागत उद्बोधन में पधारे हुए सभी अतिथियों का आत्मीय स्वागत करते हुए लोकतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि लोकतंत्र केवल शासन की एक प्रणाली मात्र नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के आपसी सम्मान, सहअस्तित्व और स्वतंत्रता की एक जीवंत भावना है।
उन्होंने अपने संबोधन में आगे कहा कि भारतीय लोकतंत्र ने देश के हर नागरिक को समानता और न्याय का जो अधिकार दिया है, उसकी रक्षा करना हमारा परम कर्तव्य है। उन्होंने वर्तमान समय में इस प्रकार की विधिक कार्यशालाओं की आवश्यकता और उसके महत्व को रेखांकित करते हुए विद्यार्थियों को इनसे जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
इस विशेष विधिक साक्षरता कार्यशाला में राजकीय महाविद्यालय कमांद तथा राजकीय इंटर कॉलेज कमांद के शिक्षागण और छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लेकर महत्वपूर्ण कानूनी जानकारियों का लाभ उठाया। इस संपूर्ण कार्यक्रम का मंच संचालन महाविद्यालय की चीफ प्रॉक्टर डॉ. शेफाली शुक्ला द्वारा किया गया, जिसमें उन्होंने विधिक साक्षरता और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण विचारों को भी रेखांकित किया।
कार्यक्रम में श्री दयाराम जी, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण / सीनियर सिविल जज, टिहरी गढ़वाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अपने मुख्य वक्तव्य में उन्होंने छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और उनके मौलिक अधिकारों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि कानून हर नागरिक की सुरक्षा का सबसे बड़ा कवच है और विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सचेत रहना चाहिए। उन्होंने मुफ्त विधिक सहायता (Free Legal Aid) और न्याय प्रणाली की सुगमता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रिटेनर अधिवक्ता श्री राजपाल सिंह जी ने अपने संबोधन में आज के समय की सबसे बड़ी चुनौतियों जैसे ‘डिजिटल अरेस्ट’ (Digital Arrest) से बचने के उपायों और सुरक्षा के तौर-तरीकों पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने ‘पॉक्सो एक्ट’ (POCSO Act) और बच्चों व महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े कानूनों की बेहद उपयोगी और व्यावहारिक जानकारी विद्यार्थियों को दी।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे श्री सोमवारी लाल सकलानी ‘निशांत’ जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में लोकतंत्र के महत्व और उसकी मजबूती पर प्रकाश डाला। उन्होंने मातृशक्ति को समर्पित अपनी एक अत्यंत सुमधुर स्वरचित कविता के माध्यम से उपस्थित सभी श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया और छात्र-छात्राओं में देशप्रेम व नारी सम्मान की भावना का संचार किया।
इस अवसर पर चौकी इंचार्ज कमांद श्री जुगल किशोर भट्ट जी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में मंच पर विराजमान रहे, जिन्होंने पुलिस और जनता के बीच सहयोगात्मक संबंध तथा कानून व्यवस्था की महत्ता पर अपने विचार रखे।
कार्यशाला के इस ऐतिहासिक आयोजन में राजकीय इंटर कॉलेज कमांद के समस्त शिक्षागण तथा महाविद्यालय के सम्मानित प्राध्यापकगण—डॉ. प्रवीन, डॉ. बीना, डॉ. नीना, श्री केदारनाथ भट्ट, श्री चौहान सिंह रावत, एवं श्री सत्येंद्र डोभाल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इस सफल और ज्ञानवर्धक आयोजन से विद्यार्थियों में विधिक जागरूकता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति एक नई चेतना जागृत हुई है।


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