October 15, 2026

Naval Times News

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पीएलएमएस महाविद्यालय ऋषिकेश परिसर में स्तन कैंसर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन 

ऋषिकेश:  पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग व एम्स ऋषिकेश के संयुक्त तत्वाधान में आज दिनांक 15 अक्टूबर को स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में एम्स ऋषिकेश के ऑन्कोलॉजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित सहरावत मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।

डॉ. अमित सहरावत ने बताया कि स्तन कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। इस बीमारी के प्रति जागरूकता, लक्षणों की समय पर पहचान और उचित चिकित्सकीय परामर्श से इसके निदान एवं उपचार में महत्वपूर्ण सहायता मिल सकती है।

उन्होंने छात्राओं को समझाया कि स्तन में गांठ महसूस होना, स्तन के आकार या बनावट में बदलाव, त्वचा में गड्ढे पड़ना, निप्पल में असामान्य परिवर्तन या निप्पल से रक्तमिश्रित स्राव जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, ऐसे लक्षणों का होना हमेशा कैंसर का संकेत नहीं होता, लेकिन इनकी स्थिति में चिकित्सकीय जांच कराना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. सहरावत ने स्तन के आत्म-परीक्षण (Breast Self-Examination) के महत्व पर विशेष जोर दिया। उन्होंने वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों को आत्म-परीक्षण करने की प्रक्रिया समझाई और बताया कि अपने शरीर में होने वाले सामान्य बदलावों की जानकारी रखना जागरूकता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

डॉ. सहरावत ने विद्यार्थियों को कैंसर से जुड़े भ्रम और सामाजिक झिझक को दूर करने तथा परिवार एवं समाज में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर प्रो. जी. के. धींगड़ा ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर सही जानकारी उपलब्ध कराना और उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना शैक्षणिक संस्थानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाने के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने में भी सहायक होते हैं।

परिसर के निदेशक प्रो. एम. एस. रावत ने स्तन कैंसर के बढ़ते मामलों के संदर्भ में इस विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की सराहना की।

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अम्बरीश कुमार महाजन ने विद्यार्थियों के स्वास्थ्य संबंधी ज्ञान को बढ़ाने तथा समाज में जागरूकता का संदेश पहुंचाने के लिए इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियों के महत्व को रेखांकित किया।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को स्तन कैंसर के प्रति जागरूक करना, प्रारंभिक पहचान के महत्व को समझाना तथा महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर खुलकर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित करना था। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश अपने परिवार और समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।

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