November 2, 2026

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महाविद्यालय रानीखेत में राष्ट्रीय एकता और सामाजिक एकीकरण पर विचार गोष्ठी आयोजित

रानीखेत: स्वर्गीय श्री जयदत्त वैला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, रानीखेत  के समाजशास्त्र विभाग में समाजशास्त्र परिषद एवं राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के संयुक्त तत्वावधान में कल 31 अक्टूबर 2026 में राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर ‘राष्ट्रीय एकता और सामाजिक एकीकरण’ विषय पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता समाजशास्त्र विभाग के प्रभारी डॉ. सत्यमित्र सिंह ने की। इस अवसर पर वक्ताओं ने राष्ट्रीय एकता, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विविधता तथा राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में नागरिकों की भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।

गोष्ठी में डॉ. कमला देवी ने 31 अक्टूबर को पूर्व प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी की पुण्यतिथि के रूप में स्मरण करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके योगदान और बलिदान का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता बनाए रखने की शपथ भी दिलाई।

समाजशास्त्र विभाग की डॉ. नीमा बोरा पडियार ने ‘विविधता में एकता’ विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल द्वारा देशी रियासतों के एकीकरण में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका को सामाजिक एकीकरण, राष्ट्र-निर्माण और सांस्कृतिक बहुलता के समाजशास्त्रीय परिप्रेक्ष्य में विश्लेषित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि विभिन्न भाषाओं, संस्कृतियों, परंपराओं और सामाजिक समूहों के बीच आपसी सहयोग, सह-अस्तित्व एवं सामूहिक चेतना पर आधारित है।

कार्यक्रम में डॉ. रेखा भट्ट एवं डॉ. बबिता कांडपाल सहित विभाग के अन्य सदस्य उपस्थित रहे। गोष्ठी के अंत में विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एकता, अखंडता, समानता और सामाजिक समरसता के मूल्यों को अपने व्यवहार एवं सामाजिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम ने विद्यार्थियों को यह समझने का अवसर प्रदान किया कि विविधताओं से परिपूर्ण भारतीय समाज में एकता केवल संवैधानिक आदर्श नहीं, बल्कि सामाजिक सहभागिता, पारस्परिक सम्मान और सामूहिक उत्तरदायित्व से निर्मित होने वाली सतत प्रक्रिया है।

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