August 27, 2026

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कोटा: राजकीय कला कन्या महाविद्यालय में आयोजित खेल सप्ताह के अंतर्गत योग सत्र एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन

देवेंद्र सक्सेना कोटा: राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा में आयोजित खेल सप्ताह के अंतर्गत आज दिनांक 27.08.2026 योग सत्र एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

योग सत्र का उद्देश्य छात्राओं को स्वस्थ जीवनशैली, मानसिक एकाग्रता एवं शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।

मेजर ध्यानचंद की स्मृति में राष्ट्रीय खेल दिवस पर योग एवं स्वास्थ्य विषय पर व्याख्यान कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन प्रभारी डॉ० श्रुति अग्रवाल ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि योग का व्यक्ति के जीवन में अत्यधिक महत्व है, विशेषकर विद्यार्थियों के लिए।

योग सत्र के प्रारंभ में खेल समिति की सदस्य डॉ. कविता मकवाना ने छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यक्ति के जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि योग प्रत्येक व्यक्ति के लिए आवश्यक है। भारत योग की भूमि एवं विश्व का योगगुरु रहा है और आज संपूर्ण विश्व योग के महत्व को स्वीकार करते हुए भारत से सीख रहा है। ऐसे में प्रत्येक भारतीय का दायित्व है कि वह योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए।

खेल समिति की सदस्य डॉ. बीनू कुमावत ने कहा कि स्वस्थ तन और स्वस्थ मन के लिए योग अत्यंत आवश्यक है। योग केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को ही बेहतर नहीं बनाता, बल्कि मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को भी विकसित करता है। स्वस्थ एवं संतुलित व्यक्ति ही स्वस्थ समाज और सशक्त राष्ट्र के निर्माण में प्रभावी योगदान दे सकता है।

पतंजलि योगपीठ के योग प्रशिक्षक देवेंद्र सक्सेना ने विभिन्न प्राणायाम आदि का अभ्यास कराया सक्सेना ने कहा कि “योगः कर्मसु कौशलम्, कार्य की कुशलता ही योग है योग आत्मानुशासन, आत्मबोध, आत्म दर्शन की वैज्ञानिक एवं सार्वभौमिक विधि परम्परा व संस्कृति है।

योग के दो पक्ष है- एक भावनात्मक जिसमें गंभीर दार्शनिक चिंतन शामिल है दूसरा क्रियात्मक जिसमें आसन प्राणायाम मुद्राएं शामिल है।

 

उन्होंने छात्राओं को विभिन्न योगाभ्यास एवं प्राणायाम करवाते हुए योग के सूक्ष्म एवं व्यापक लाभों से परिचित कराया। उन्होंने योगिक क्रियाओं के माध्यम से जीवन में होने वाले सकारात्मक एवं दीर्घकालिक परिवर्तनों को समझाते हुए छात्राओं का मार्गदर्शन किया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक विभिन्न योगाभ्यास एवं प्राणायाम में सहभागिता की।

आज के कार्यक्रम में ‘पारम्परिक खेलों का महत्व’ विषय पर निबन्ध प्रतियोगिता एवं ‘पदक विजेता खिलाड़ी’ विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।

महाविद्यालय में आयोजित इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्राओं में खेल, योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूकता विकसित करने के साथ-साथ भारतीय परंपराओं एवं सांस्कृतिक मूल्यों से उनके जुड़ाव को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम में संगीत विभाग की सहायक आचार्य श्रीमती निकिता मीणा तथा महाविद्यालय के खेल सहायक श्रीमती रेखा खरेडिया भी उपस्थित रहीं।

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