कमांद (टिहरी गढ़वाल), 7 अक्टूबर 2026: राजकीय महाविद्यालय कमांद में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, राष्ट्र निर्माण और लोक-संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से ‘सेवा संकल्प अभियान’ एवं ‘गढ़भोज दिवस’ के उपलक्ष्य में दो विशेष कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा प्राचार्य प्रो. गौरी सेवक के मार्गदर्शन और कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बीना रानी के नेतृत्व में आयोजित इन कार्यक्रमों ने युवाओं को सामाजिक चेतना और सांस्कृतिक धरोहर से जोड़ा।
’सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 6 अक्टूबर को “मेरे सपनों का भारत : विकसित भारत–2047” विषय पर निबंध प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें छात्र-छात्राओं ने ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना पर अपने विचार रखे। प्रतियोगिता में कु० विद्या (तृतीय सेमेस्टर) ने प्रथम, कु० वर्षा (प्रथम सेमेस्टर) ने द्वितीय तथा कु० गंगा डोभाल (तृतीय सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वहीं, 7 अक्टूबर को ‘गढ़भोज दिवस’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। पारंपरिक वेशभूषा में सजी छात्राओं ने लोक-संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। इस अवसर पर डॉ. राकेश मोहन नौटियाल द्वारा उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित एक विशेष पीपीटी (PowerPoint Presentation) प्रस्तुत की गई, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों को प्रदेश की लोक-परंपराओं, इतिहास व धरोहर से परिचित कराया गया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण उत्तराखंड के पारंपरिक व्यंजन रहे, जिनमें विद्यार्थियों ने झंगोरे की खीर, मंडवे की रोटी, मंडवे के भरे स्वांले; जैसे-पौष्टिक स्थानीय पकवान तैयार कर अपनी समृद्ध पाक-संस्कृति की झलक दिखाई।
इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. गौरी सेवक ने कहा कि अपनी जड़ों, परंपराओं और खान-पान से युवा पीढ़ी को जोड़ना समय की मुख्य आवश्यकता है। ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में अपनी संस्कृति के प्रति गौरव और संरक्षण की भावना जगाते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. राकेश मोहन नौटियाल, डॉ. दीपक राणा, श्री केदारनाथ भट्ट, श्री सोहन सिंह, श्री सत्येंद्र डोभाल, श्री देवेश चंद्र सहित अन्य समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। दोनों कार्यक्रमों ने राष्ट्र निर्माण की भावना और सांस्कृतिक चेतना का एक सुंदर समन्वय प्रस्तुत किया।



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