September 17, 2026

Naval Times News

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महाविद्यालय मालदेवता रायपुर में विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का हुआ आयोजन

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता रायपुर रसायन विज्ञान विभाग द्वारा विश्व ओजोन दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में विभागाध्यक्ष रसायन विज्ञान डॉ० वाई० सी० नैनवाल द्वारा छात्र-छात्राओं को शपथ दिलाई गई कि वे हानिकारक रसायनों के माध्यम से ओजोन लेयर को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचाएंगे।

कार्यक्रम का प्रारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० विनोद प्रकाश अग्रवाल तथा मुख्य वक्ता जन्तु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो० मधु थपलियाल के बैज अलंकरण से किया गया। कार्यक्रम के दौरान स्लोगन प्रतियोगिता भाषण प्रतियोगिता तथा प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

स्लोगन प्रतियोगिता में भूमि बी०एस-सी० तृतीय सेमेस्टर द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त किया गया, जबकि रितेश बी०एस-सी० पंचम सेमेस्टर तथा हिमानी बी०एस-सी० पंचम सेमेस्टर क्रमशः द्वितीय तथा तृतीय स्थान पर रही ।

निबंध प्रतियोगिता में बी०एस-सी० प्रथम सेमेस्टर से भूमिका बंसला ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि खुशी नेगी बी०एस-सी० प्रथम सेमेस्टर तथा श्रेया बी०एस-सी० तृतीय सेमेस्टर ने क्रमशः द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया। विज्ञान प्रश्नोत्तरी में भूमि बी०एस-सी तृतीय सेमेस्टर द्वारा प्रथम स्थान प्राप्त किया गया, जबकि गौरव बी०एस-सी० तृतीय सेमेस्टर तथा रितेश बी०एस-सी० पंचम सेमेस्टर द्वारा क्रमशः द्वितीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त किया गया।

इसके पश्चात महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश जनहित में पहुंचाने हेतु एक रैली का आयोजन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० विनोद प्रकाश अग्रवाल ने कहा कि हमें पर्यावरण को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचानी चाहिए क्योंकि हमारा अस्तित्व स्वस्थ पर्यावरण पर निर्भर करता है। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रोफेसर मधु थपलियाल ने इस अवसर पर कहा कि हमें पेड़ों को बचाना चाहिए तथा वृक्षारोपण हेतु आम जनमानस को जागरूक करना चाहिए।

रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ० वाई० सी नैनवाल ने कहा कि आज के युग में क्लोरो-फ्लोरोकार्बन गैसों का शीतलक के रूप में कम से कम उपयोग होना चाहिए तथा इन गैसों की जगह ओजोन को क्षति ना पहुंचने वाले शीतलकों का उपयोग करना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान समस्त शिक्षक तथा कर्मचारी उपस्थित रहे।

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