हरिद्वार : जिला महिला चिकित्सालय में गर्भवती महिला के किए गए अमानवीय व्यवहार पर स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए महिला चिकित्साधिकारी डॉ. सलोनी पंथी की सेवाएं तत्काल समाप्त कर दी हैं।
साथ ही लापरवाह नर्सिंग स्टाफ पर भी सख्त एक्शन लिया जाएगा। जांच अधिकारी सीएमएस रणवीर सिंह ने साफ कहा है कि अमानवीय घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हरिद्वार के महिला चिकित्सालय से 28 और 29 सितंबर की रात इंसानियत को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया था। जहां पर एक मजदूर की गर्भवती पत्नी को अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया गया।
इसी बीच महिला ने फर्श पर तड़पते हुए बच्चे को जन्म दिया। घटना से संबंधित एक वीडियो वायरल हो गया था जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ऐक्शन में आ गया था।
इसके लिए जांच कमेटी का गठन किया गया। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित महिला डॉक्टर की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
इस कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है, वहीं लोगों ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सख्त कदम उठाना जरूरी है,ताकि भविष्य में किसी भी गर्भवती महिला को ऐसी पीड़ा न सहनी पड़े।



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