हरिद्वार, 23 मार्च। बागपत निवासी निश्चय राणा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर गंग नहर थाने में तैनात रहे दो उपनिरीक्षकों पर मुकद्मा दर्ज करने की मांग की है।
प्रैस क्लब में पत्रकारवार्ता के दौरान निश्चय राणा ने बताया कि वर्ष 2012 में बागपत में कुछ लोगों ने उनके पिता की हत्या कर दी थी।
उन्होंने केस की मजबूती से पैरवी की। जिसके चलते पांच लोगों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जबकि दो आरोपी अभी फरार हैं। निश्चय राणा ने बताया कि केस की पैरवी करने के कारण उन पर उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड सहित अलग-अलग राज्यों में कई मुकद्मे दर्ज कराए गए। जो कि जांच में झूठे पाए गए।
उन्होंने बताया कि कुछ समय पूर्व उन पर रानीपुर कोतवाली में सामूहिक दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज कराया गया था। लेकिन पुलिस की जांच में वह मुकदमा फर्जी निकला। इसके बाद 2023 में उनके छोटे भाई निवेश राणा के खिलाफ रूड़की के गंगनहर थाने में मुकद्मा दर्ज कराया गया।
निश्चय राणा ने मुकद्मे की जांच कर रहे दो उपनिरीक्षकों पर केस बंद करने के नाम पर उनसे बड़ी रकम लेने का आरोप लगाते हुए कहा कि शिकायत करने पर दोनो पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था।
निश्चय राणा ने बताया कि उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर दोनों पुलिसकर्मियों पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। जिस पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।


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