एनटीन्यूज़, हरिद्वार: हरिद्वार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ लोगों में कोरोना की वैक्सीन को लेकर अब भी झिझक बरकरार है। डीएम के आदेश पर विशेष अभियान चलाकर प्रशासनिक अधिकारी इसे तोड़ने में जुटे हैं। इसी कड़ी में रविवार को कुछ गांवों में ऐसे मामले सामने आए, जिनमें कोई वैक्सीन लगवाने में बहानेबाजी करता मिला तो किसी ने घर का दरवाजा तक नहीं खोला।
मजबूरी में अधिकारियों को मायूस लौटना पड़ा। इस दौरान अधिकारियों ने क्षेत्र में चल रहे टीकाकरण केंद्र का भी निरीक्षण किया।
प्रशासन के तमाम प्रयासों के बाद भी जिले के गांवों में कोरोना टीकाकरण रफ्तार नहीं पकड़ पा रहा है। कई गांव ऐसे हैं, जहां अब भी काफी कम लोगों का टीकाकरण हुआ है। इन गांवों में शत प्रतिशत टीकाकरण के लिए डीएम विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर दो दिन का विशेष अभियान शुरू किया गया। रविवार को दूसरे दिन भी जिला प्रशासन के अधिकारियों समेत सभी विभागों के अधिकारी सारे कामकाज छोड़कर मैदान में उतरे।
भगवानपुर तहसील क्षेत्र के कालेवाला गांव में प्रशासन की टीम लोगों को जागरूक करने पहुंची। एक परिवार को चिह्नित कर अधिकारी उनके घर पहुंचे और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर होने के बावजूद परिवार के सदस्यों ने दरवाजा नहीं खोला। कहा कि उन्हें वैक्सीन नहीं लगवानी है। मजबूरी में अधिकारियों को लौटना पड़ा। इसके अलावा कुछ लोग आधार कार्ड खो जाने तो कुछ लोग वोटर आईडी नहीं होने का बहाना बना रहे हैं।
कुछ लोग झूठ बोल रहे हैं कि वे वैक्सीन लगवा चुके हैं जबकि विभाग के पास वैक्सीन लगवा चुके लोगों का पूरा ब्योरा है। टीम के सदस्यों ने रुहालकी, शाहपुर, भगवानपुर, कालेवाला आदि गांवों में जाकर लोगों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही टीकाकरण केंद्रों का निरीक्षण किया, जहां व्यवस्थाएं ठीक मिलीं। टीम में एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी, तहसीलदार रेखा आर्य, एडीएम बीर सिंह बुदियाल, प्यारे लाल शाह, त्रिभुवन सिंह मौजूद रहे।


More Stories
महाविद्यालय चिन्यालीसौड़ में कन्या भ्रूण हत्या एवं महिला सशक्तिकरण विषय पर पोस्टर/स्लोगन प्रतियोगिता आयोजित
स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी परिवार समिति राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अर्ध वार्षिक बैठक दिल्ली में संपन्न
राजकीय महाविद्यालय नानकमत्ता में छात्र संघ निर्वाचन 2026-27 को लेकर महाविद्यालय एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक आयोजित