हरिद्वार: हरिद्वार पुलिस के रिक्रूट कांस्टेबलों की सतर्कता और मानवीय संवेदनशीलता के चलते एक गंभीर रूप से बीमार व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी, जिससे उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण मदद मिली।
जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 7:30 बजे दक्षिण काली मंदिर के सामने ड्यूटी पॉइंट पर तैनात रिक्रूट कांस्टेबल पवन सिंह नेगी एवं चंद्र प्रकाश धस्माना ने देखा कि एक कार चालक ने अचानक अपनी गाड़ी अनियंत्रित अवस्था में पुलिया के किनारे रोक दी।
दोनों पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंचे। कार में मौजूद महिला ने बताया कि उसके पति के सीने में अचानक तेज दर्द उठा है और उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई है। पुलिसकर्मियों ने देखा कि व्यक्ति अचेत अवस्था में था, उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी और लगातार उल्टियां भी हो रही थीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रिक्रूट कांस्टेबल पवन सिंह नेगी ने तुरंत 108 एंबुलेंस सेवा को सूचना दी। साथ ही दोनों जवानों ने बिना देर किए मरीज को चंडी चौकी के समीप स्थित अस्थायी कांवड़ मेला अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार (फर्स्ट एड) देने के बाद जांच की, जिसमें मरीज की पल्स रेट अत्यंत कम पाई गई। गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए कांवड़ मेला अस्पताल की एंबुलेंस से मरीज को जिला अस्पताल हरिद्वार रेफर कर दिया।
मरीज की पत्नी ने हरिद्वार पुलिस के दोनों रिक्रूट कांस्टेबलों का भावुक होकर आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिसकर्मियों ने समय पर सहायता नहीं की होती तो उनके पति की जान को गंभीर खतरा हो सकता था। उन्होंने दोनों जवानों की तत्परता, संवेदनशीलता और मानवता की सराहना करते हुए उनका धन्यवाद किया।
हरिद्वार पुलिस की यह त्वरित कार्रवाई एक बार फिर यह साबित करती है कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के लिए सच्चे मददगार की भूमिका भी निभा रही है।


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