August 25, 2026

Naval Times News

निष्पक्ष कलम की निष्पक्ष आवाज

कला कन्या महाविद्यालय कोटा में पब्लिक स्पीकिंग और प्रेजेंटेशन स्किल्स की कला एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर विशेष व्याख्यान आयोजित

कोटा: आज दिनांक 25 अगस्त को राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा के नवाचार एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आज उद्यमिता पखवाड़े के चौथे दिन पब्लिक स्पीकिंग और प्रेजेंटेशन स्किल्स की कला एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में ICFAI, Jaipur के अकादमिक विशेषज्ञ डॉ. विधु कुमार माथुर ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि किस प्रकार पब्लिक स्पीकिंग और प्रभावी प्रेजेंटेशन कौशल से आत्मविश्वास बढ़ता है और रोजगार के अवसर प्राप्त होते हैं।

साथ ही कॉलेज जीवन का सर्वोत्तम उपयोग कर पढ़ाई के साथ-साथ खुद को रोजगार से जोड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के टिप्स दिए।

उन्होंने बताया कि मंच पर बोलते समय शुरुआत अच्छी हो तो आत्मविश्वास अपने आप आ जाएगा, कंटेंट को रटो मत, समझो, तेज बोलने से लोग समझ नहीं पाते इसलिए धीरे-धीरे, रुक-रुक कर बोलो।

हर वाक्य के बाद एक सेकंड का विराम लो, हाथ बांध कर या जेब में डाल कर मत खड़े रहो, हाथों का मूवमेंट करते रहना जरुरी होता है, इससे आपका डर कम होगा और बात प्रभावशाली लगेगी। अंग्रेजी नहीं आती तो कोई बात नहीं। हिंदी में दिल से बोली गई बात अंग्रेजी से ज्यादा असर करती है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य प्रोफेसर प्रेरणा शर्मा ने की। उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में छात्राओं को नवाचार और कौशल विकास से जुड़ने के लिए प्रेरित किया और कहा कि जीवन में अकादमिक डिग्री के साथ साथ बोलने और सुनने का कौशल सीखना भी जरुरी है, कब कहाँ क्या और कैसे बोलना है हमे आना चाहिए तभी सफलता मिलती है।

कार्यक्रम का मंच संचालन नवाचार एवं कौशल विकास प्रकोष्ठ की प्रभारी डॉ. ज्योति सिडाना ने किया। उन्होंने बताया कि सपने देखो और उन्हें पूरा करने के लिए बोलना सीखो, क्योंकि बोलने वाले की ही सुनी जाती है। सुनना भी एक हुनर है लेकिन हर किसी को यह कमाल नहीं आता।

समिति सदस्य डॉ. प्रियंका वर्मा, डॉ. निकिता मीणा, डॉ. राजेन्द्र कुमार मीणा, डॉ. गिरेन्द्र पाल सिंह ने छात्राओं को सवाल पूछने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य डॉ. सपना कोतरा, डॉ. सोमवती शर्मा, डॉ. बबिता सिंघल, डॉ, कविता मीणा, डॉ. कविता मकवाना एवं बड़ी संख्या में नियमित छात्राएं उपस्थित रहीं।

About The Author