हरिद्वार: धनौरी पी.जी. कॉलेज की ‘एक पहल समिति’ द्वारा आउटरीच एजुकेशनल अवेयरनेस प्रोग्राम के तहत विद्यार्थियों को करियर के विभिन्न विकल्पों, उच्च शिक्षा के अवसरों तथा भविष्य की संभावनाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से दो प्रमुख विद्यालयों में करियर काउंसलिंग एवं शैक्षिक जागरूकता कार्यक्रमों का सफल आयोजन किया गया।
राजकीय इंटर कॉलेज, दौलतपुर में मार्गदर्शन
राजकीय इंटर कॉलेज, दौलतपुर में आयोजित कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. प्रियंका कुमारी के निर्देशन में हुआ, जिसमें डॉ. अमित कुमार एवं डॉ. प्रियंका त्यागी ने मुख्य सहयोग प्रदान किया।
- उद्देश्य: कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं योग्यता के अनुरूप करियर का चयन करने, उच्च शिक्षा के विभिन्न विकल्पों को समझने तथा भविष्य के लिए उचित लक्ष्य निर्धारित करने के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
- सहभागिता: इस सत्र में विद्यालय के 51 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया और करियर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियाँ प्राप्त कीं।
बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादराबाद में जागरूक हुए छात्र
इसी क्रम में धनौरी पी.जी. कॉलेज की दूसरी टीम ने बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादराबाद में अपनी सेवाएँ दीं। इस टीम में डॉ. प्रभात कुमार, डॉ. विश्वजीत सिंह, डॉ. आकाश सकलानी, डॉ. सरिता शर्मा एवं डॉ. कुमुद चौधरी शामिल रहे। टीम ने विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसरों, विभिन्न विषयों में उपलब्ध करियर विकल्पों तथा अपनी क्षमताओं और रुचियों के अनुरूप भविष्य की सही योजना बनाने के विषय में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
विद्यालय के प्रधानाचार्यों ने जताया आभार
धनौरी पी.जी. कॉलेज के इस प्रयास की दोनों ही विद्यालयों के प्रमुखों द्वारा सराहना की गई:
- राजकीय इंटर कॉलेज, दौलतपुर के प्रधानाचार्य श्री राम मिलन एवं रसायन विज्ञान के शिक्षक श्री रविंद्र चौहान ने ‘एक पहल समिति’ के इस प्रयास को सराहा और प्राध्यापकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
- बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादराबाद के प्रधानाचार्य श्री राजेंद्र चौहान ने भी विद्यार्थियों के सही मार्गदर्शन हेतु आयोजित इस अभिनव पहल की प्रशंसा की।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश:
इन दोनों कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को समय रहते करियर संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना, उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें अपने भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने हेतु प्रेरित करना रहा। इस दौरान छात्रों को निरंतर परिश्रम करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और उपलब्ध शैक्षिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का संदेश दिया गया।
इन दोनों कार्यक्रमों का मूल उद्देश्य विद्यार्थियों को समय रहते करियर संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराना, उच्च शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा उन्हें अपने भविष्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने हेतु प्रेरित करना रहा। इस दौरान छात्रों को निरंतर परिश्रम करने, आत्मविश्वास बनाए रखने और उपलब्ध शैक्षिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का संदेश दिया गया।



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