कोटा, 30 अप्रैल। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने जयपुर में भाजपा महिला कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को लेकर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा किए गये आग्रह को, पवित्र,सराहनीय और सावधानीयुक्त बताया है और इसको लेकर चल रहे भ्रामक प्रचार को झूठ का पुलन्दा बताते हुये कहा है कि “भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के द्वारा मशाल जुलूस में किए गये आवश्यक सावधानी आग्रह, परिवार के मुखिया की सावधानी थे, दुर्घटना न हो जाये इसलिए सावचेत किया जाना था।
यह सराहनीय कदम स्वागत योग्य सीख है। इसे पवित्र और सराहनीय सावधानी को राजनैतिक द्वेषता से षड्यंत्रपूर्वक, भ्रामक तरीके से नकारात्मक स्वरूप में प्रचारित करना घोर निंदनीय है। जिसका कोई वास्तविक आधार नहीं है। माननीय प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ की पवित्र कर्तव्यपरायणता स्तुत्य है, सतर्कता है, सावधानी है।
सिसोदिया ने कहा कि “यह कार्यक्रम जयपुर में नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन एवं कांग्रेस के महिला आरक्षण विरोध के संदर्भ में आयोजित किया गया था। जिसमें बड़ी संख्या में आरक्षण रोकने वाली कांग्रेस के विरुद्ध आक्रोशित मातृशक्ति की भागीदारी मोके पर मौजूद थी । कार्यक्रम मशाल जुलूस का था और उसमें असावधानी से कोई दुर्घटना न हो जाए, इसलिए सावधानी अपेक्षित थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का उद्देश्य पवित्र था, परिवार के मुखिया भाव से प्रेरित था।
कार्यक्रम के दौरान सभी कार्यकर्ताओं, विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना ही इसका मूल भाव था। अतः यह स्वागत योग्य, सम्मानजनक और साधुवाद योग्य आग्रह था । इसके बारे में जो भ्रामकता सुनियोजित षड्यंत्रपूर्वक फैलाई जा रही है, वह निंदनीय है और केवल हल्की राजनीतिक द्वेषता से प्रेरित है। जिसका कोई जमीनी सत्य नहीं है।
सिसोदिया ने कहा कि “उत्तरप्रदेश में असावधानी के चलते एक गंभीर दुर्घटना हुई है। मशाल जुलूस में अग्नि होती है, ऐसे में कोई गंभीर दुर्घटना न हो जाए, इसलिए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राठौड़ का महिला सुरक्षा को लेकर चिंतित होना स्वाभाविक और सही कदम था। यह उनकी दूरदृष्टि को दर्शाता है और उनके आग्रह को प्रशंसनीय बनाता है। वहीं गंभीर और विचारशीलता को प्रमाणित करता है।
सिसोदिया ने कहा कि “मशाल जुलूस जैसे कार्यक्रमों में अग्नि से जुड़ा जोखिम स्वाभाविक रूप से अधिक होता है। विशेषकर गर्मी के मौसम में तो अत्यधिक सावधानी जरूरी होती है। ऐसे में पर्याप्त सावधानी, आवश्यक दूरी एवं सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य हो जाता है। प्रदेशाध्यक्ष ने मौके पर उपस्थित कार्यकर्ताओं को दूरी बनाए रखने के निर्देश इसी दृष्टिकोण से दिए थे, जो उचित और आवश्यक थे। संपूर्ण राजस्थान नें इस आग्रह की सराहना की है।
सिसोदिया ने कहा कि “यदि किसी भी प्रकार की दुर्घटना होती, तो उसकी जिम्मेदारी संगठन पर आती। इसलिए सुरक्षा के प्रति सावधान होना आवश्यक थी।” उन्होंने कहा कि ” भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के पवित्र आग्रह के खिलाफ सुनियोजित षड्यंत्र को विफल करने हेतु सत्य और सद्भावना का पक्ष प्रबलता से सभी बुद्धिजीवियों को लेना चाहिए। ताकी सदभाव और सावधानी के प्रति कर्तव्यभाव की रक्षा हो सके।


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