July 2, 2026

Naval Times News

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भारी बारिश से धारकोट मार्ग बार-बार बंद, ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी पर लापरवाही का लगाया आरोप

डोईवाला, 2 जुलाई : डोईवाला विधानसभा के दूरस्थ पहाड़ी क्षेत्र धारकोट में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते भूस्खलन से सड़क मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। गुरुवार सुबह भी भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ जाने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों का जनजीवन प्रभावित हो गया।

सूचना मिलने पर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ऋषिकेश ने मौके पर जेसीबी मशीन भेजकर सड़क पर जमा मलबा हटाने का कार्य शुरू कराया। मशीन द्वारा कुछ मलबा हटाकर मार्ग को अस्थायी रूप से खोल दिया गया, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदनशील स्थान पर भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें लगातार गिर रही थीं। इसके बावजूद पर्याप्त सफाई कार्य किए बिना ही जेसीबी मशीन वापस बुला ली गई। इसके कुछ ही समय बाद दोबारा भूस्खलन हुआ और सड़क फिर से पूरी तरह बंद हो गई।

स्थानीय निवासी आदर्श राठौर ने लोक निर्माण विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग ने केवल औपचारिकता निभाई है। उनका कहना है कि यदि मशीन को तब तक मौके पर रखा जाता, जब तक पूरा मलबा हटाकर सड़क सुरक्षित नहीं हो जाती, तो दोबारा मार्ग बंद होने की स्थिति नहीं बनती। उन्होंने इसे दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों के साथ अन्याय बताया।

आदर्श राठौर ने बताया कि धारकोट सहित आसपास के गांवों के लोगों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और दैनिक आवश्यकताएं इसी सड़क पर निर्भर हैं। सड़क बंद होने से विद्यार्थी स्कूल और कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं, मरीजों को अस्पताल ले जाने में कठिनाई हो रही है तथा किसानों और ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। उन्होंने कहा कि किसी गर्भवती महिला, गंभीर मरीज या अन्य आपातकालीन स्थिति में यह स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

उन्होंने आरोप लगाया कि बरसात शुरू होने के बावजूद विभाग ने संवेदनशील स्थानों पर कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की है। हर वर्ष भूस्खलन की घटनाएं होने के बावजूद पर्याप्त मशीनरी और कर्मचारियों की तैनाती नहीं की जाती तथा जोखिम वाले क्षेत्रों की नियमित निगरानी भी नहीं होती, जिससे विभाग की आपदा प्रबंधन तैयारियों पर सवाल खड़े होते हैं।

आदर्श राठौर ने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एवं संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि धारकोट मार्ग पर तत्काल जेसीबी मशीन और कर्मचारियों की स्थायी तैनाती की जाए तथा मार्ग पूरी तरह सुरक्षित होने तक मशीन को मौके से न हटाया जाए। साथ ही भूस्खलन संभावित क्षेत्रों का तकनीकी निरीक्षण कर स्थायी सुरक्षा कार्य कराए जाएं, ताकि भविष्य में सड़क बाधित होने की समस्या से ग्रामीणों को राहत मिल सके।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।

वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि सड़क को तत्काल सुचारु कराया जाए, संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा कार्य किए जाएं तथा पूरे वर्षा काल में आवश्यक मशीनरी और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि दूरस्थ क्षेत्रों में सड़क ही जीवनरेखा है और इसकी अनदेखी से आमजन को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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