आज दिनांक 7 जनवरी 2026 को राजकीय कला कन्या महाविद्यालय, कोटा में भारतीय ज्ञान परंपरा एवं संस्कार भारती चित्तौड़ प्रांत कोटा महानगर के संयुक्त तत्वावधान में व्याख्यान तथा पुस्तक मेला उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर डॉ भगवती प्रसाद सारस्वत कुलगुरू कोटा विश्वविद्यालय कोटा, कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री अरुण कुमार शर्मा, संस्कार भारती अखिल भारतीय विमर्श एवं प्रशिक्षण संयोजक, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. विजय कुमार पंचोली, क्षेत्रीय सहायक निदेशक, कॉलेज शिक्षा कोटा परिक्षेत्र, विशिष्ट अतिथि डॉ. संगीता सक्सेना, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज कोटा थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा चौहान ने की। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर अतिथियों द्वारा किया गया। मुख्य वक्ता श्री अरुण कुमार शर्मा ने “भारतीय संविधान का कला पक्ष” विषय पर व्याख्यान देते हुए अपने वक्तव्य में संविधान के सृजन एवं चिंतन से संबंधित विविध कलात्मक पक्षों की रोचक एवं ज्ञानवर्धक जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि संविधान की मूल प्रति जो कि हस्तलिखित है के सभी 234 पेज कलात्मक चित्रों की चौखटों से बने हुए हैं। संविधान के मूल 22 भाग जिस विषय से संबंधित है उस विषय से जुड़ी भावनाओं को प्रतीकात्मक चित्रों से दर्शाया गया है, जैसे- श्रेष्ठ नागरिकता को वैदिक आश्रम के चित्र के द्वारा, नीति निर्देशक तत्व के लिए महाभारत युद्ध में कृष्ण का गीता उपदेश, संघीय व्यवस्था हेतु बोधि वृक्ष के नीचे महात्मा बुद्ध के चित्र का समन्वय किया गया है। अपने वक्तव्य में उन्होंने यह भी कहा कि संविधान केवल नियमों का संग्रह नहीं है वह हमारे देश की आत्मा है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. सीमा चौहान ने कहा कि युवा पीढ़ी के चरित्र निर्माण के लिए आवश्यक है कि भारतीय कला एवं संस्कृति की समृद्ध परंपरा को आधुनिक शिक्षा पद्धति से जोड़ा जाए, इस दृष्टि से आज का यह व्याख्यान एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक व्याख्यान रहा है।
कार्यक्रम में संगीत विभाग के सहायक आचार्य श्री संतोष कुमार मीना, संस्कार भारती की मंचीय कला प्रमुख डॉ. संगीता सक्सेना, आस्था सक्सेना, महामंत्री देवेंद्र कुमार सक्सेना के द्वारा संस्कार भारती ध्येय गीत भी प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन संगीत विभागाध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक श्रीमती प्रेरणा शर्मा ने किया।
कार्यक्रम के आरम्भ में प्रो. राजेन्द्र माहेश्वरी के मार्गदर्शन एवं महुराज राव के तबला वादन में संगीत विभाग की छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कार्यक्रम में संस्कार भारती के प्रान्तीय उपाध्यक्ष बाबू बंजारा, अध्यक्ष हरिहर बाबा, उपाध्यक्ष मेजर भीष्म कुमार चौहान, शम्भू सिंह चौपदार, महाविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य प्रोफेसर राजेंद्र माहेश्वरी, श्रीमती सपना कोतरा, डॉ सुबोध कुमार, डॉ. सोमवती शर्मा, डॉ. बबीता सिंघल, डॉ. राजमल मालव, डॉ. उमा बाड़ोलिया, डॉ. दीपा स्वामी, डॉ. श्रुति अग्रवाल, डॉ. कविता मकवाना, डॉ. कविता मीणा, डॉ. यशोदा मेहरा, डॉ. दीप्ति जोशी, डॉ. धर्म सिंह मीणा, डॉ. पारुल सिंह, डॉ. संतोष कुमार मीणा आदि संकाय सदस्य एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।
उक्त कार्यक्रम के पश्चात् पुस्तक मेले का उद्घाटन माननीय प्रो. भगवती प्रसाद सारस्वत, कुलगुरू, कोटा विश्वविद्यालय, कोटा द्वारा किया गया।


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