हरिद्वार, 21-मई-26: गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय में आयोजित एक व्याख्यान कार्यक्रम में एशियन मेडलिस्ट एवं ओलम्पिक टीम के सदस्य प्रमोद बैटला ने प्रशिक्षु शारीरिक शिक्षकों और खिलाड़ियों को सफलता के महत्वपूर्ण मंत्र दिए।
मेजर ध्यान चंद सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि किसान का अनुशासित जीवन, नियमित दिनचर्या और खेतों में किया जाने वाला कठोर परिश्रम खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन और सफलता की प्रेरणा देता है। उन्होंने हॉकी के जादूगर ध्यान चंद का उदाहरण देते हुए कहा कि परिश्रम और अनुशासन ही सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
खिलाड़ियों की प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रमोद बैटला ने कहा कि खिलाड़ी के जीवन में तकनीकी शिथिलता बड़ी बाधा बनती है। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्र देश को उत्कृष्ट खिलाड़ी देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
कार्यक्रम में शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के प्रभारी डॉ. अजय मलिक ने कहा कि खेल विशेषज्ञों का गुरुकुल और हॉकी से जुड़ाव आज भी बेहद प्रासंगिक है। वहीं एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शिवकुमार ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि देश में मेहनत के बल पर ऊंचाइयों तक पहुंचे खिलाड़ियों की लंबी सूची युवाओं के लिए प्रेरणा है।
इस अवसर पर डॉ. कपिल मिश्रा, डॉ. अनुज कुमार, डॉ. प्रणवीर सिंह, डॉ. सुनील कुमार, दुष्यन्त राणा, कुलदीप रतूड़ी, अश्वनी कुमार, सुरेन्द्र सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में एमपीएड, बीपीएड और बीपीईएस के प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं ने भी सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. कपिल मिश्रा ने किया।


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