नवल टाइम्स न्यूज के पाठक डॉ0 धन्नाराम गुर्जर सहायक आचार्य राजकीय कला कन्या महाविद्यालय कोटा द्वारा रचित राजस्थानी कविता अपने मित्र सहायक आचार्य डॉ0 यादराम मीणा को उनके जन्मदिन पर समर्पित
म्हारा जिगरी यार, दिलदार दोस्त, कॉलेज री आन-बान-शान, युवा साथियां रा अभिमान, श्री यादराम जी मीणा ने जन्मदिन री घणी-घणी बधाई।
आज रो दिन कोई साधारण दिन कोनी, आज तो वो हीरो पैदा होयो थो जिको नाम सुनते ही संकाय सदस्यों री छाती चौड़ी हो जावे अर मित्रां रा चेहरा खिल उठे।
यादराम सा, थारो रुतबो ऐसो बढ़े कि कॉलेज सूं लेके राजधानी तक थारी ही चर्चा होवे। थारी किस्मत ऊँट री चाल सूं कोनी, अरबी घोड़ा री रफ्तार सूं दौड़े। सफलता थारा कदम चूमें खुशियाँ थारे आंगण में डेरा डाले अर मान-सम्मान थारे नाम रो पर्याय बन जावे।
जहाँ थारो कदम पड़े, उंया कामयाबी झुक जावे।
जहाँ थारो नाम आवे, उंया तालियां गूंज उठे।
जहाँ थारी पहचान होवे, उंया इज्जत खुद सलाम करे।
ईश्वर देव नारायण जी, भैरूनाथ जी, बालाजी महाराज अर समस्त कुलदेवी-देवता थाने लंबी उमर, तगड़ी सेहत, अथाह खुशियाँ अर दिन-दूनी रात-चौगुनी तरक्की बख्शें।
जन्मदिन रो यो पावण अवसर थारे जीवन में नई ऊँचाइयाँ, नई सफलताएँ अर अनगिनत खुशियाँ ल्यावे।
जन्मदिन री घणी-घणी बधाई हो यादराम सा!
जियो हजारों साल, साल के दिन हों पचास हजार… और हर दिन थारो नाम ट्रेंड में रहे।
लेखक :डॉ 0 धन्ना राम गुर्जर
सहायक आचार्य राजकीय कला कन्या महाविद्यालय कोटा


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