June 1, 2026

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पीएलएमएस परिसर ऋषिकेश के छात्र-छात्राओं का 6 माह का नैदानिक प्रशिक्षण एम्स ऋषिकेश में प्रारम्भ

ऋषिकेश, 01 जून 2026: पीएलएमएस परिसर ऋषिकेश पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश (श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय) के मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी (बीएमएलटी) विभाग के अंतिम वर्ष के छात्र-छात्राओं का छह माह का नैदानिक (क्लीनिकल) प्रशिक्षण आज से अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), ऋषिकेश में प्रारम्भ हो गया।

यह प्रशिक्षण आगामी छह माह तक एम्स ऋषिकेश की विभिन्न अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं एवं विभागों में संचालित किया जाएगा।

परिसर के निदेशक प्रो० एम०एस० रावत ने सभी प्रशिक्षु विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों के व्यावसायिक एवं तकनीकी कौशल विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा तथा उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली को निकट से समझने का अवसर प्रदान करेगा।

मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी विभाग के समन्वयक प्रो० गुलशन कुमार ढींगरा ने बताया कि एम्स ऋषिकेश के सहयोग से विद्यार्थियों का प्रशिक्षण निरंतर संचालित हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशाला तकनीकों, गुणवत्तापूर्ण रोग निदान प्रक्रियाओं तथा अस्पताल आधारित कार्य प्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा, जो उनके भविष्य के रोजगार एवं उच्च शिक्षा के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।

एम्स ऋषिकेश की डीन, एलाइड हेल्थ साइंसेज, डॉ० सुनीता मित्तल ने बताया कि प्रशिक्षण अवधि के दौरान विद्यार्थियों को पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी, ब्लड बैंक, सैम्पल कलेक्शन सहित विभिन्न विभागों में जांच प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण तथा रोगी सेवा से जुड़ी व्यावहारिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

एम्स ऋषिकेश के डीन अकादमिक प्रो० सौरभ वार्ष्णेय ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छात्रों को नवीनतम चिकित्सा तकनीकों, अनुसंधान एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उन्नत कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिलेगा, जो उनके पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण योगदान देगा।

एम्स ऋषिकेश के पैथोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री, माइक्रोबायोलॉजी एवं रक्तकोष विभाग के विभागाध्यक्षों तथा सैम्पल कलेक्शन प्रभारी ने भी विद्यार्थियों को सफल प्रशिक्षण हेतु शुभकामनाएं प्रदान कीं तथा कहा कि प्रशिक्षण अवधि का पूर्ण समर्पण एवं अनुशासन के साथ लाभ उठाकर विद्यार्थी अपने ज्ञान एवं कौशल को और अधिक सुदृढ़ करें। एम्स जैसे विश्वस्तरीय संस्थान में प्राप्त होने वाला यह अनुभव उनके भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगा।

उल्लेखनीय है कि मार्च 2017 में एम्स ऋषिकेश एवं पंडित ललित मोहन शर्मा परिसर, ऋषिकेश के मध्य हुए समझौते के अंतर्गत बीएमएलटी विद्यार्थियों को छह माह का अस्पताल आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। अब तक आठ बैच इस प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूर्ण कर चुके हैं तथा अनेक पूर्व छात्र विभिन्न प्रतिष्ठित स्वास्थ्य संस्थानों, विशेषकर एम्स ऋषिकेश, में अपनी सेवाएं देकर संस्थान का नाम गौरवान्वित कर रहे हैं।

इस अवसर पर श्रीदेव सुमन उत्तराखण्ड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० एन० के० जोशी ने प्रशिक्षु विद्यार्थियों को शुभकामनाएं प्रेषित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। एम्स ऋषिकेश जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में प्राप्त होने वाला प्रशिक्षण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास एवं उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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