नानकमत्ता, 21 अगस्त 2026: महाराणा प्रताप राजकीय महाविद्यालय, नानकमत्ता में दिनांक 21 अगस्त 2026 को करियर काउंसिलिंग प्रकोष्ठ के तत्वावधान में महाविद्यालय की छात्राओं के लिए अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन स्कॉलरशिप योजना के संदर्भ में विस्तृत परामर्श एवं जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को छात्रवृत्ति योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा उच्च शिक्षा के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता के अवसरों के संबंध में उपयोगी एवं स्पष्ट जानकारी प्रदान करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत ने कहा कि आर्थिक अभाव किसी भी प्रतिभाशाली विद्यार्थी की शिक्षा में बाधक नहीं बनना चाहिए। छात्रवृत्ति योजनाएं विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से संबल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने का अवसर देती हैं।
उन्होंने छात्राओं से अपील की कि वे सरकार एवं विभिन्न संस्थाओं द्वारा संचालित छात्रवृत्ति योजनाओं की जानकारी प्राप्त करें तथा पात्र होने पर इनका अधिकतम लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के माध्यम से छात्राएं आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार एवं समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
इस अवसर पर अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के कोऑर्डिनेटर श्री शाहबुद्दीन अंसारी ने छात्राओं को स्कॉलरशिप योजना के विभिन्न पहलुओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने योजना की पात्रता, आवेदन की प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा छात्रवृत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देशों के बारे में छात्राओं को अवगत कराया।
उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे छात्रवृत्ति के अवसर को केवल आर्थिक सहायता के रूप में न देखते हुए इसे अपनी उच्च शिक्षा एवं बेहतर भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में लें। उन्होंने छात्राओं की विभिन्न जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया।
महाविद्यालय के करियर काउंसिलिंग प्रकोष्ठ के संयोजक डॉ. राघवेंद्र मिश्रा ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक योग्यता के साथ-साथ उपलब्ध अवसरों की सही जानकारी होना भी अत्यंत आवश्यक है। करियर काउंसिलिंग प्रकोष्ठ का प्रयास है कि विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा, छात्रवृत्ति, रोजगार एवं कैरियर निर्माण से संबंधित अवसरों की जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसी योजनाएं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की छात्राओं को अपनी शिक्षा जारी रखने तथा अपने कैरियर के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान कर सकती हैं।
महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मृत्युंजय शर्मा ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति को ज्ञान के साथ-साथ आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। उन्होंने छात्राओं को अपने शैक्षणिक भविष्य के प्रति गंभीर रहने तथा उपलब्ध छात्रवृत्ति एवं अन्य शैक्षिक अवसरों का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि सही समय पर प्राप्त मार्गदर्शन विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
परामर्श सत्र के दौरान छात्राओं ने स्कॉलरशिप योजना से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका श्री शाहबुद्दीन अंसारी द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। छात्राओं ने योजना से संबंधित जानकारी में विशेष रुचि दिखाई और आवेदन प्रक्रिया एवं पात्रता से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं को समझा।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. नवीन भगत, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. मृत्युंजय शर्मा, डॉ. निवेदिता अवस्थी, डॉ. ममता सुयाल, डॉ. भुवन चन्द्र जोशी, डॉ. चंपा टम्टा, डॉ. मंजुलता जोशी, डॉ शशि प्रकाश सिंह, डॉ. दर्शन सिंह मेहता, डॉ गौरवेंद्र कुमार, डॉ. रवि जोशी, महेश कन्याल, राम जगदीश सिंह, विपिन थापा, गुरप्रीत कौर, हरजीत कौर, नेहा भट्ट, स्नेहा हलदार भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राघवेन्द्र मिश्रा द्वारा किया गया।


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