कोटद्वार, 26–27 अप्रैल। डॉ. पितांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार के बीएड विभाग में दो दिवसीय ‘आर्ट एवं ड्रामा’ कार्यशाला का शुभारंभ उत्साहपूर्वक किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य प्रोफेसर डी.एस. नेगी ने माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
अपने संबोधन में प्राचार्य प्रो. नेगी ने भावी शिक्षकों के व्यावसायिक गुणों के संवर्धन में इस प्रकार की कार्यशालाओं को अत्यंत आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि कला और नाट्य गतिविधियाँ शिक्षण को प्रभावी, जीवंत और विद्यार्थियों के लिए अधिक आकर्षक बनाती हैं।
विभागाध्यक्ष प्रोफेसर बी.सी. शाह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी संदर्भदाताओं—प्रसिद्ध रंगकर्मी श्री अनुसूया प्रसाद डंगवाल (कोटद्वार) एवं श्री वीर सिंह मणी—का स्वागत करते हुए कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। प्रोफेसर बहुगुणा ने अपने व्याख्यान में व्यक्तित्व विकास में कला एवं संस्कृति की भूमिका और महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला।
दो दिवसीय इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को कला एवं नाट्य मंचन की बारीकियाँ, मानव सभ्यता एवं संस्कृति के संवर्धन में कला और नाटक का योगदान, व्यक्तित्व एवं समाज के उत्थान में नाट्य मंचन का प्रभाव, तथा एक शिक्षक की रंगकर्मी के रूप में भूमिका जैसे विषयों पर प्रायोगिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
उद्घाटन सत्र में प्राचार्य प्रो. डी.एस. नेगी, विभागाध्यक्ष प्रो. बी.सी. शाह,संदर्भदाता श्री अनुसूया प्रसाद डंगवाल, श्री वीर सिंह मणी, प्रो. बहुगुणा, डॉ. सुनीता नौटियाल, डॉ. एस.के. आर्य, डॉ. डी.बी. सिंह, डॉ. डी.के. मौर्य सहित बड़ी संख्या में बीएड के प्रशिक्षु उपस्थित रहे।


More Stories
गजा: सुप्रसिद्ध लोक गायक दिनेश उनियाल ने अपने बेटे की शादी में “शराब नही संस्कार” मुहिम को दिया बढावा
गौमाता को राष्ट्रीय सम्मान दिलाने के लिए तहसीलदार गजा को सौंपा ज्ञापन
पी. जी. कालेज कोटद्वार के इतिहास विभाग में हुआ पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन