राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय बनास पैठाणी (पौड़ी गढ़वाल) विषय (Theme): “United in Humanity” आज दिनांक 8 मई 2026 को राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय बनास पैठाणी (पौड़ी गढ़वाल) के प्रांगण में ‘विश्व रेड क्रॉस दिवस’ का भव्य आयोजन किया गया।
इस वर्ष का मुख्य विषय “United in Humanity” रहा, जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को मानवता के सूत्र में पिरोना था।
कार्यक्रम में संस्थान के छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया। समारोह के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे: 1. योग कार्यक्रम (Yoga Program): दिवस की शुरुआत सुबह “स्वास्थ्य ही सेवा” के मंत्र के साथ योग शिविर से हुई। छात्रों को प्राणायाम और विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया गया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि एक स्वस्थ शरीर ही मानवता की सेवा के लिए तत्पर रह सकता है। 2. प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता (Quiz Competition): मानवता और रेड क्रॉस के इतिहास पर आधारित एक क्विज़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसमें रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनेंट के योगदान, प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) के नियमों और 2026 की थीम पर सवाल पूछे गए। विजेताओं को सम्मानित भी किया गया। 3. सांस्कृतिक कार्यक्रम (Cultural Events): छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से ‘एकता और करुणा’ का संदेश दिया।
गढ़वाली लोक गीतों और मानवता पर आधारित लघु नाटकों ने दर्शकों का मन मोह लिया। नाटकों के जरिए आपदा के समय एक-दूसरे की मदद करने की प्रेरणा दी गई। निष्कर्ष: संस्थान के प्राचार्य प्रो० डॉ० विजय कुमार अग्रवाल जी ने अपने संबोधन में कहा कि पौड़ी गढ़वाल जैसे पहाड़ी क्षेत्रों में रेड क्रॉस की भावना और भी प्रासंगिक है। कार्यक्रम का समापन मानवता की सेवा की शपथ के साथ हुआ। कार्यक्रम का संचालन समन्वयक डॉ० पुनीत चन्द्र वर्मा जी द्वारा किया गया।
मानवता, सेवा और निष्पक्षता के सिद्धांतों पर खड़ा रेडक्रास आंदोलन आज भी दुनिया भर में पीड़ित मानवता की उम्मीद बना हुआ है। अंतिम पात पर बैठे उन सभी स्वयंसेवकों सहित, कर्मियों और सहयोगियों को नमन, जो हर संकट में बिना किसी दिखावे और भेदभाव के सेवा का दायित्व निभा रहे हैं। लेकिन आज के दौर में सबसे बड़ा प्रश्न यही है कि क्या संस्था अपने मूल उद्देश्यों और सिद्धांतों पर उतनी ही मजबूती से कायम है, जितनी उसके संविधान और आदर्श कहते हैं? जब सेवा के मंचों पर भी स्वार्थ, हस्तक्षेप और वर्चस्व की राजनीति हावी होने लगे, तब मानवता कहीं पीछे छूट जाती है।
रेडक्रास का अर्थ केवल प्रतिष्ठा ,पद या नियंत्रण नहीं… बल्कि पीड़ित व्यक्ति तक बिना दिखावे के निष्पक्ष सहायता पहुँचाना है। जरूरत इस बात की है कि शान शौकत और व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठाकर फिर से सेवा और मानवता के मूल उद्देश्य से जोड़ा जाए।
“मानवता तब कमजोर पड़ती है, जब सेवा पर स्वार्थ हावी होने लगे।” विश्व रेडक्रास दिवस पर आइए संकल्प लें कि सेवा, निष्पक्षता और मानवता की भावना को हर हाल में सर्वोपरि रखेंगे। अंतरराष्ट्रीय रेडक्रॉस दिवस की शुभकामना


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