April 13, 2026

Naval Times News

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राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर गौलापार में भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती की पूर्व संध्या पर एक विचारगोष्ठी आयोजित

हल्द्वानी: राजकीय महाविद्यालय हल्द्वानी शहर, किशनपुर, गौलापार (नैनीताल) में आज दिनांक 13/04/2026 को भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती की पूर्व संध्या पर महाविद्यालय परिसर में प्राचार्य प्रो. संजय कुमार की अध्यक्षता में एक विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ महाविद्यालय के प्राचार्य एवं वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. कैलाश चंद्र कलोनी तथा डॉ. दीप चंद्र पाण्डे द्वारा संयुक्त रूप से माता सरस्वती एवं बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

कार्यक्रम की श्रृंखला में बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा लक्ष्मी जोशी ने डॉ. बी.आर. अम्बेडकर के जीवन पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए उनके संघर्षपूर्ण जीवन एवं विविध आयामों से सभी को अवगत कराया।

इसी क्रम में बी.ए. द्वितीय वर्ष की छात्रा गीतांजलि आर्या ने समाज में समता और समान अधिकारों की स्थापना में डॉ. अम्बेडकर के महत्वपूर्ण योगदान को विस्तार से प्रस्तुत किया।

प्राध्यापिका डॉ. अर्चना जोशी ने बाबा साहेब के राजनीतिक दर्शन, समानता, स्वतंत्रता, बन्धुत्व एवं सामाजिक न्याय के सिद्धांतों पर सारगर्भित व्याख्यान देते हुए समाज से जातिगत भेदभाव समाप्त करने में उनके योगदान को रेखांकित किया।

प्राध्यापक डॉ. दीपक दयाल ने संविधान की प्रस्तावना में निहित ‘हम भारत के लोग’ की भावना तथा आधुनिक भारत के निर्माण में बाबा साहेब के दूरदर्शी योगदान को विस्तारपूर्वक वर्णित किया ।

प्राध्यापिका डॉ. पूजा ध्यानी ने बाबा साहेब को सामाजिक चेतना एवं सुधारों का अग्रदूत बताते हुए राष्ट्र की अर्थव्यवस्था और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण कार्यों पर प्रकाश डाला।

प्राध्यापक डॉ. आशीष अंशु ने बाबा साहेब के जीवन वृत्त, शिक्षा के प्रति जनमानस की जागरूकता तथा गरीब एवं वंचित वर्ग के उत्थान के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की और देश को एकता के सूत्र में बाँधने में उनकी भूमिका को स्पष्ट किया।

वरिष्ठ प्राध्यापिका डॉ. भारती बहुगुणा ने इस कार्यक्रम को आत्ममंथन का अवसर बताते हुए विद्यार्थियों को अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।

वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. कैलाश चंद्र कलोनी ने बाबा साहेब के दूरदर्शी राजनीतिक दृष्टिकोण, मौलिक अधिकारों के प्रति जनजागरूकता तथा वंचित वर्ग को न्याय दिलाने के उनके प्रयासों पर अपने विचार साझा किए।

महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार ने बाबा साहेब के विचारों को डिजिटल इंडिया एवं स्किल इंडिया जैसी योजनाओं से जोड़ते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी प्रासंगिकता को रेखांकित किया तथा विद्यार्थियों को उनके जीवन दर्शन व विचारों को आत्मसात करने हेतु प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापिका डॉ. रीमा आर्या द्वारा किया गया, जिन्होंने संविधान निर्माण में बाबा साहेब के अतुलनीय योगदान एवं उनके संघर्षपूर्ण जीवन को स्मरण किया।

कार्यक्रम के अंतिम चरण में जलियांवाला बाग कांड के शहीदों को स्मरण करते हुए श्रद्धासुमन अर्पित किए गए

अंत में प्राध्यापक डॉ. प्रकाश मठपाल द्वारा सभी उपस्थित जनों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार, वरिष्ठ प्राध्यापक प्रो. कैलाश चंद्र कलोनी, डॉ. दीप चंद्र पांडे, डॉ. भारती बहुगुणा, डॉ. रीमा आर्या व डॉ. प्रकाश मठपाल सहित समस्त प्राध्यापकगण, विद्यार्थी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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