विकासखंड रायपुर की ग्राम पंचायत हल्द्वाड़ी-बडेरना में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं का व्यापक स्थलीय निरीक्षण, भौतिक सत्यापन एवं अभिलेखों का परीक्षण किया गया।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक एवं पात्र लाभार्थियों तक पहुंच रहा है या नहीं, इसकी जमीनी स्तर पर पुष्टि करना तथा विकास कार्यों की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्रीमती शीला कठैत ने की। इस अवसर पर प्रधान प्रतिनिधि श्री अनिल कठैत, उप ज्येष्ठ प्रमुख श्री संजय सिंधवाल, खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) श्री उनियाल, ग्राम विकास अधिकारी श्री धर्मेंद्र भंडारी तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के श्री मनीष बिष्ट विशेष रूप से उपस्थित रहे।
निरीक्षण के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का बारीकी से सत्यापन किया गया। समाज कल्याण विभाग ने वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों का सत्यापन कर अभिलेखों का मिलान किया। कृषि विभाग द्वारा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना सहित कृषि विभाग की अन्य योजनाओं का भौतिक सत्यापन किया गया तथा पात्र किसानों से संवाद कर उन्हें मिलने वाले लाभों की जानकारी प्राप्त की गई।
इसी प्रकार मनरेगा के अंतर्गत स्वीकृत विकास कार्यों, मजदूरों की उपस्थिति, कार्यस्थलों की स्थिति एवं अभिलेखों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों ने कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष बल देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
पंचायती राज विभाग द्वारा ग्राम पंचायत के विकास कार्यों, अभिलेखों एवं योजनाओं की प्रगति का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया गया तथा गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए गए। लघु सिंचाई विभाग ने सिंचाई योजनाओं की स्थिति का अवलोकन किया।
निरीक्षण कार्यक्रम में पशुपालन विभाग द्वारा पशुधन से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की गई, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाओं एवं जनकल्याणकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उद्यान विभाग ने बागवानी एवं फलोत्पादन योजनाओं की समीक्षा की। बाल विकास विभाग ने आंगनबाड़ी केंद्रों एवं पोषण योजनाओं की प्रगति का निरीक्षण किया। वन विभाग (फॉरेस्ट) ने पर्यावरण संरक्षण एवं वन क्षेत्र से संबंधित गतिविधियों की जानकारी साझा की। वहीं जल निगम ने पेयजल व्यवस्था एवं संबंधित योजनाओं की समीक्षा की।
कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामवासियों से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं को सुना तथा उनका त्वरित समाधान करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने भी शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी एवं प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए समय-समय पर इस प्रकार के स्थलीय निरीक्षण एवं सत्यापन अभियान निरंतर जारी रहेंगे। साथ ही सभी विभागों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता न बरती जाए तथा प्रत्येक योजना का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाया जाए।
इस अवसर पर पशुपालन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग, समाज कल्याण विभाग, बाल विकास विभाग, वन विभाग, जल निगम, पंचायती राज विभाग, लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), लघु सिंचाई विभाग, मनरेगा, ग्राम पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम विकास विभाग के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
यह निरीक्षण कार्यक्रम ग्रामीण विकास, सुशासन, पारदर्शिता एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिससे योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के साथ-साथ ग्रामीणों की समस्याओं एवं सुझावों को भी शासन तक पहुंचाने का अवसर प्राप्त हुआ।


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