वेलेंटाइन डे पर, देवेंद्र कुमार सक्सेना तबला वादक संस्कृति सेवी (संगीत विभाग राजकीय कला महाविद्यालय) कोटा की प्रेम और सम्मान से जुड़ी प्रेरणादायक काव्यात्मक शब्द चित्र अभिव्यक्ति
प्रेम ही परमात्मा है..
” प्रेम करो सम्मान करो ‘
अपनी मातृभूमि से प्रेम करो….
अपनी जन्मभूमि से प्रेम करो…
वृक्ष वनस्पति से प्रेम करो…
पशु व पक्षियों से प्रेम करो…
अपनी पुस्तकों से प्रेम करो….
अपने महापुरुषों से प्रेम करो…
अपने वीर वीरांगनाओं का सम्मान करो..
साहित्यकारो कलाकारों का सम्मान करो…
अपने भामाशाहो का सम्मान करो…
अपने माता पिता से प्रेम करो….
अपने भाई बहनों से प्रेम करो…
अपने दादा दादी का सम्मान करो…
अपने नाना नानी का सम्मान करो…
अपने रिश्तेदारों का सम्मान करो….
अपने मित्रों का सम्मान करो…
दिव्यांगो का सम्मान करो।
अपने पड़ोसियों से प्रेम करो…
अपनी कला संस्कृति से प्रेम करो..
अपनी देव संस्कृति से प्रेम करो…
अपने योग आयुर्वेद से प्रेम करो…
अपने भारतीय संगीत से प्रेम करो…
अपने प्राचीन ग्रंथों से प्रेम करो….
अपने ज्ञान और विज्ञान से प्रेम करो….
कानून व्यवस्था का सम्मान करो
प्राणी मात्र जीव मातृ से प्रेम करो…
अपने पर्यावरण से प्रेम करो….
भारतीय व्यंजनों से प्रेम करो..
अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखो.. .
अपने जीवन से प्रेम करो।।
अपने जीवन साथी से प्रेम विश्वास करो।
अपने संत ऋषि मुनियों वैज्ञानिकों का सम्मान करो।
अपने राष्ट्र से प्रेम करो..
परमात्मा से प्रेम करो..
प्रेम ही परमात्मा है…
लेखक
देवेंद्र कुमार सक्सेना


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