October 27, 2026

Naval Times News

निष्पक्ष कलम की निष्पक्ष आवाज

शरदोत्सव 2026: प्रस्तुतियों संग सात युवा कलाकार राग भविष्य युवा प्रतिभा खोज पुरस्कार से सम्मानित

देवेंद्र सक्सेना कोटा राजस्थान : 25 अक्तूबर 2026, भोपाल: जब शास्त्रीय संगीत के सुरों मेंइ परंपरा की मिठास घुली और नई पीढ़ी की प्रतिभाओं को पहचान मिली, तो शरदोत्सव की शाम कला के उत्सव में बदल गई। शिवाजी नगर स्थित दुष्यंत कुमार स्मारक पांडुलिपि संग्रहालय में रविवार अभिनव कला परिषद एवं स्वर-रंग आर्ट एवं कल्चरल सोसायटी द्वारा आयोजित शरदोत्सव-2026 में संगीत, स्मृति और सृजन का अनोखा संगम देखने को मिला।

शरद पूर्णिमा इस सांगीतिक संध्या का प्रमुख आकर्षण ‘राग भविष्य’ रहा। ‘आज की प्रतिभा, कल की पहचान’ थीम पर मध्यप्रदेश के चयनित 7 युवा कलाकारों को सम्मानित किया गया। शास्त्रीय गायन और वादन की प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भारतीय संगीत की समृद्ध परंपरा से रू-ब-रू कराया। सुप्रसिद्ध ध्रुपद गायक उमाकांत गुंदेचा ने कहा कि अभिनव कला परिषद के माध्यम से पंडित सुरेश तांतेड़ ने युवा कलाकारों को प्राथमिकता के साथ मंच प्रदान किया।

इन 7 युवा कलाकारों का हुआ सम्मान

राग भविष्य- युवा प्रतिभा सम्मान 2026 के अंतर्गत शरदोत्सव में प्रतिभाशाली युवा कलाकारों- खुशी विजयवर्गीय को शास्त्रीय गायन, गीतांशी एवं कार्तिक जोशी को सितार वादन, ऋषि एवं मुनि मालवीय को बहुवाद्य वादन, प्रदक्षिणा भट्ट को ख़याल गायन, राधिका ताम्रकार को कथक नृत्य, काव्यांशी यादव को तबला वादन और शेविका एवं शांभवी सक्सेना को ध्रुपद गायन के लिए सम्मानित किया गया।

चित्रकार स्व. नागदेव की जयंती पर पुण्य स्मरण

शरदोत्सव में प्रसिद्ध पुरातत्वविद् पद्म श्री डॉ. विष्णु श्रीधर वाकणकर के शिष्य और सुप्रसिद्ध चित्रकार स्व. सचिदा नागदेव की जन्म-जयंती के अवसर पर उनके कार्यों का पुण्य स्मरण किया गया। सभागार में मौजूद कला प्रेमियों ने कला और रंग-संवेदना के क्षेत्र में चित्रकार नागदेव के योगदान की सराहना कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

राग भविष्य के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में सबसे पहले में गीतांशी जोशी और कार्तिक जोशी ने सितार-तबला की युगलबंदी से राग यमन की मनमोहक प्रस्तुति दी। इसके बाद संगीत और वादन का सिलसिला जारी रहा और खुशी विजयवर्गीय ने शास्त्री गायन पेश किया, इस पर काव्यांशी यादव ने संगत दी। कलाकारों की प्रस्तुतियों में सुरों की शुद्धता, साधना और संगीत के प्रति समर्पण की झलक दिखाई दी।

6 दशकों से जारी है अभिनव कला परिषद की यात्रा:

अभिनव कला परिषद के सचिव अतुल सुरेश तातेड़ ने कहा कि शरदोत्सव ने संगीत की परंपरा और नई पीढ़ी की संभावनाओं को एक मंच पर लाकर कला-संस्कृति की नगरी भोपाल की सांस्कृतिक विरासत में एक नया अध्याय जोड़ा है। पिता पंडित स्व. श्री सुरेश तांतेड़ ने अभिनव कला परिषद की स्थापना कर लगभग 6 दशकों तक विभिन्न क्षेत्रों के कलाकारों को मंच देकर आगे बढ़ाया। शरदोत्सव और राग भविष्य में युवा कलाकारों का सम्मान भी इसी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का एक पड़ाव है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को मंच और प्रोत्साहन पर जोर देते हुए कहा कि हमारी संस्था उभरते कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने और पहचान बनाने का अवसर प्रदान कर रही है।

श्री अतुल तातेड ने बताया कि इस अवसर पर विधायक भगवानदास शबनम, सुप्रसिद्ध तबला वादक पंडित किरण देशपांडे, शास्त्रीय गायिका भारती राजपूत, अनूप शर्मा, ऋषि शृंगारी, लेखिका डॉ. वीणा सिन्हा, डॉ हेमंत सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार राममोहन चौकसे, संगीतकार विमल भंडारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। देवेंद्र सक्सेना ने बताया कि इस दौरान अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सितार वादिका सुश्री स्मिता नागदेव और राग भविष्य के निदेशक दर्शन तातेड़-जैन सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों ने युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया।

About The Author