हरिद्वार: श्री गुरु रविदास समाज के देशराज कर्णवाल ने सुरेश राठौर द्वारा कल प्रेस वार्ता में दिए गए बयान को भ्रामक एवं झूठा बताया है।
उन्होंने कहा कि इनको ( सुरेश राठोड़ को)हमारी पार्टी भाजपा द्वारा भी निष्कासित किया गया है और हमारे समाज ने भी इनसे दूरी बनाई है।
श्री गुरु रविदास महापीठ के राष्ट्रीय सचिव देशराज कर्णवाल ने हरिद्वार प्रेसक्लब में कहा कि माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल की न्यायमूर्ति श्री राकेश पालकीयता वाली पीठ ने नी सुरेश राठौर के संरक्षण के अंतरिम आदेश को रद्द कर दिया, क्योंकि इसका उद्देश्य जन उपद्रव और राज्य के प्रति असंतोष पैदा करना था।
उन्होंने अंकिता भंडारी मामले से जुड़े भ्रामक ऑडियो क्लिप के संबंध में भी अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़ा रुख अपनाया। माननीय न्यायालय ने स्पष्ट रूप से कहा कि साक्ष्य के अभाव में किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को धूमिल करना और राष्ट्रीय भाजपा नेता पूर्व राज्य सभा सांसद दुष्यंत कुमार गौतम पर गंभीर आरोप लगाना गंभीर अपराध बताया।
कर्णवाल ने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि यह राजनीतिक रूप से प्रेरित हो सकता है या श्री सुरेश राठौर द्वारा अन्य आरोपी सुश्री उर्मिला सनावर या किसी अन्य राजनीतिक दल से जुड़े व्यक्ति के साथ मिलकर की गई सुनियोजित साजिश हो सकती है। माननीय उच्च न्यायालय ने कहा कि पुलिस को भी इन एफआईआर के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
ऑडियो क्लिप में आरोपित व्यक्तियों ने अपने खिलाफ कार्यवाही रद्द करने के लिए न्यायालय में याचिका दायर की थी। हालांकि, उनके तर्कों को खारिज करते हुए और मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए, माननीय न्यायाधीश ने पुलिस को जांच जारी रखने के स्पष्ट निर्देश दिए। इसके अलावा, स्थिति का संज्ञान लेते हुए, न्यायालय ने उत्तराखंड के डीजीपी और देहरादून के एसएसपी को श्री दुष्यंत जी की सुरक्षा के लिए सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


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