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- 116 वाँ श्री मुलतान जोत महोत्सव हरिद्वार में दिन में होली-रात में दीवाली जैसा दृश्य मन को मोह लेगा
हरिद्वार,16अगस्त26: 116 वॉ श्री मुलतान जोत महोत्सव बहुत धूमधाम से लाखों लोगों की उपस्थिति में 23 अगस्त (रविवार) को हरिद्वार में सम्पन्न होगा।
श्री मुलतान जोत सभा के चैयरमैन रतनदेव चावला एवं अखिल भारतीय मुल्तान युवा संगठन के अध्यक्ष डॉ० महेन्द्र नागपाल (पूर्व विधायक) ने आज एक संयुक्त वक्तव्य में बताया कि हरिद्वार नगरी को पूरी तरह से सजाया गया है।
प्रकाश व्यवस्था, आतिशबाजी व पुष्प वर्षा शोभा यात्रा के मार्ग में धूम होगी। बड़े-बड़े तोरण द्वार लगाये गये हैं। बिजली की नयी तकनीक अपनाते हुए जोत बनाई गई है। जगह-जगह पर शोभा यात्रा का स्वागत किया जाएगा। श्रद्वालु छोटी-छोटी जोत गंगा मैया में प्रवाहित करेगें।
श्रद्वालुओं द्वारा जगह-जगह हवन और सुंदर कांड का पाठ व प्रसाद वितरित किया जाएगा। गंगा जी का दुग्ध अभिषेक व पूजा अर्चना करते हुए भक्तजन विशेष ज्योति गंगा जी को अर्पित करेगें और पिचकारियों में दूध भर कर श्रद्वालु होली खेलेगें और गंगा मैया का उद्घोष करेगें। देश भर से हर समाज के लोग इस विशाल एवं भव्य आयोजन में सम्मिलित होगें, हिन्दुत्व के संगम का दृश्य प्रस्तुत होगा।
सांस्कृतिक एवं धार्मिक दृष्टि से लोग गंगा मैया का स्नान कर आर्शीवाद प्राप्त करके फलीभूत होते हैं। अपनी मनोकामना को पूर्ण करने के लिए गंगा मैया में छोटी-छोटी पवित्र ज्योति अर्पित की जाएगी। दिन में दूध से होली के साथ-साथ रात्रि को शोभा यात्रा में सुन्दर प्रकाश व्यवस्था, आतिशबाजी में दिवाली का दृष्य मन को मोह लेगा।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष जोत महोत्सव में इस वर्ष जोत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रुप में प्रो० जगदीश मुखी (पूर्व राज्यपाल, असम), भाजपा के महामंत्री व राज्यसभा संसद श्री तरुण चुघ जी, श्री विरेन्द्र सचदेवा (पूर्व अध्यक्ष, भाजपा दिल्ली प्रदेश), सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज जी, श्री मदन कौशिक जी (मंत्री, उत्तराखंड सरकार), श्री संजय तलवार (बाबा) जी, टीवी कलाकार श्री अमर वाल्मीकि (कलाकार, पुष्पा) श्री शेख रईस करीम (कलाकार, धुरंधर) आदि उपस्थित रहेगें।
डॉ० नागपाल ने बताया कि श्री मुलतान जोत महोत्सव का आयोजन वर्ष 1911 में भक्त रूप चन्द द्वारा पाकिस्तान में बसे मुलतान से पैदल चल कर समाज के भाईचारे एवं शांति की कामना को लेकर हरिद्वार में गंगा मैया को ज्योति अर्पित की थी। परम्परानुसार प्रति वर्ष इसे बड़े पैमाने पर एवं भव्य रूप से मनाया जा रहा है।
भिन्न-भिन्न प्रांतों के अतिरिक्त पाकिस्तान में बसे मुलतान से भी तीर्थयात्री इस पूर्व का महत्व एवं शोभा बढ़ाने आते हैं। श्रद्वालुगणों का मानना है कि मनोकामना पूर्ण होने के कारण प्रत्येक वर्ष इस पर्व की महत्ता बढ़ने लगी है, प्रत्येक वर्ष भक्तजनों की बढ़ती संख्या इसका बहुत बड़ा प्रमाण है।


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