हरिद्वार, 11 जून: भाजपा के पूर्व विधायक सुरेश राठौर को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए सुरेश राठौर ने बताया कि नैनीताल हाईकोर्ट ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी के नाम को लेकर सोशल मीडिया पर प्रसारित ऑडियो वीडियो से जुड़ी थाना बहादराबाद और झबरेड़ा थाने में दर्ज दो एफआईआर को समान आरोपों पर आधारित मानते हुए रद्द कर दिया है।
जबकि थाना डालनवाला और नेहरू कालोनी में दर्ज मामले की जांच जारी है। जिसमें वे पुलिस का पूरा सहयोग कर रहे हैं। सुरेश राठौर ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि शेष दो मुकद्मों में भी निर्दोष साबित होंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने आज तक कभी कोई ऑडियो या वीडियो जारी नहीं किया और न ही किसी नेता के खिलाफ कोई बयानबाजी की। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं या मुख्यमंत्री के खिलाफ भी कोई टिप्पणी नहीं की। यदि उनकी किसी बात से किसी व्यक्ति को ठेस पहुँची है तो वह इसके लिए खेद व्यक्त करते हैं।
सुरेश राठौर ने कहा कि उन्हें बदनाम कर उनका राजनैतिक कैरियर खराब करने के लिए षड़यंत्र रचा गया। भाजपा को अपनी मां समान बताते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी को छोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता। पार्टी ने उन्हें पहचान और सम्मान दिया है और जीवन के अंतिम क्षण तक उनका जुड़ाव भाजपा से बना रहेगा।
उन्होंने कहा कि जब भी चुनाव होंगे, वह पूरी तरह तैयार रहेंगे और जनता के बीच जाकर अपना पक्ष रखेंगे। प्रेसवार्ता में डा.राज धवन, सूर्यांश राठौर, सोमिल चौधरी, हितेश चौहान, प्रवीण कुमार, शेखर कुमार, जुगल राठौर, साजिद अली, मोमिन राव, नितिन शर्मा, सावेज, मुन्ना, शेरखान आदि मौजूद रहे।


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