August 18, 2026

Naval Times News

निष्पक्ष कलम की निष्पक्ष आवाज

हरिद्वार: श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिन श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की महिमा का किया रसपान

हरिद्वार, 18 अगस्त 2026 : सनातन ज्ञान पीठ शिव मंदिर सेक्टर-1 समिति द्वारा आयोजित श्री शिव महापुराण कथा के चौथे दिवस की कथा में कथा स्थल भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा।

कथा व्यास परम पूज्य आचार्य महंत प्रदीप गोस्वामी जी महाराज ने अपनी संगीतमय एवं ओजस्वी वाणी से श्रद्धालुओं को भगवान शिव की महिमा का रसपान कराते हुए कहा कि भगवान शिव की पूजा अत्यंत सरल और फलदायी है। भोलेनाथ अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं।

महाराज श्री ने भगवान शिव की पूजन विधि का वर्णन करते हुए कहा कि प्रातःकाल स्नान आदि से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा स्थल को पवित्र करना चाहिए। इसके पश्चात भगवान शिव का ध्यान करते हुए शिवलिंग पर जल अथवा गंगाजल से अभिषेक करना चाहिए।

श्रद्धा के अनुसार दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से पंचामृत अभिषेक भी किया जा सकता है। अभिषेक के बाद स्वच्छ जल से पुनः स्नान कराकर शिवलिंग पर चंदन, अक्षत, पुष्प एवं विशेष रूप से बेलपत्र अर्पित करना चाहिए।

कथा व्यास जी ने कहा कि भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। बेलपत्र अर्पित करते समय श्रद्धा के साथ ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करना चाहिए। इसके बाद धूप, दीप, नैवेद्य और फल अर्पित कर भगवान शिव की आरती करनी चाहिए। पूजा के दौरान महामृत्युंजय मंत्र अथवा पंचाक्षर मंत्र ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करने से मन को शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है।

महाराज श्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिव पूजन में बाहरी आडंबर से अधिक महत्व श्रद्धा, पवित्र भाव और निर्मल मन का है। भगवान शिव आशुतोष हैं, जो थोड़े से जल और सच्ची भक्ति से भी प्रसन्न हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि नियमित रूप से शिव आराधना करने से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वह धर्म, सत्य तथा सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ता है।

कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान शिव का स्मरण कर पार्थिव शिव लिंग की पूजा की और ‘हर हर महादेव’ तथा ‘ॐ नमः शिवाय’ के जयघोष से कथा स्थल गूंज उठा।

कथा के मुख्य यजमान जे.पी.अग्रवाल एवं पत्नी मंजू अग्रवाल, ब्रिजेश शर्मा,दिलीप गुप्ता,जयप्रकाश,तेजप्रकाश,राकेश मालवीय, अनिल चौहान,सुनील चौहान,मोहित शर्मा,मानदाता,हरि नारायण त्रिपाठी,दिनेश उपाध्याय, पंकज चौहान,अलका शर्मा,संतोष चौहान, पुष्पा गुप्ता,सरला शर्मा,अनपूर्णा,राजकिशोरी मिश्रा, सुमन, कुसुम गैरा, कौशल्या,सुमन चौहान,मनसा मिश्रा,सुहानी गुप्ता,सुनीता चौहान एवं अनेको श्रद्धालु कथा के दौरान सम्मिलित रहे।

About The Author