September 12, 2026

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राजकीय महाविद्यालय पैठाणी में भारत रत्न पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित

पैठाणी, पौड़ी गढ़वाल, 10 सितंबर 2026 : आज भारत रत्न एवं उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी की 139वीं जयंती के अवसर पर राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय पैठाणी में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित गोविंद बल्लभ पंत जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) विजय कुमार अग्रवाल ने पंडित पंत के जीवन, व्यक्तित्व एवं राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का संचालन करियर काउंसलिंग समन्वयक एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. कल्पना रावत ने किया। इस अवसर पर निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

भाषण प्रतियोगिता में सानिया (बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। मीनाक्षी (बीबीए प्रथम सेमेस्टर) द्वितीय, नंदिनी (बीबीए प्रथम सेमेस्टर) तृतीय तथा सुमित (बीबीए तृतीय सेमेस्टर) चतुर्थ स्थान पर रहे।

जबकि निबंध प्रतियोगिता में सानिया (बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। शिवानी (बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर) द्वितीय, किरण नेगी (बीबीए प्रथम सेमेस्टर) तृतीय तथा कृतिका (बी.एससी. तृतीय सेमेस्टर) चतुर्थ स्थान पर रहे।

इस अवसर पर डॉ. दिनेश रावत ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत के राजनीतिक जीवन, नेतृत्व क्षमता एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। डॉ. पुनीत चंद वर्मा, डॉ. उर्वशी एवं डॉ. कुमार गौरव जैन ने पंत जी के जीवन-मूल्यों, सामाजिक योगदान एवं प्रेरणादायक व्यक्तित्व से विद्यार्थियों को परिचित कराया।

डॉ. सतवीर ने पंडित पंत के विचारों की वर्तमान समय में प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के समापन अवसर पर डॉ. प्रकाश फोंदणी ने पंडित गोविंद बल्लभ पंत को प्राप्त ‘हिमालय पुत्र’ की उपाधि के महत्व एवं उसके ऐतिहासिक संदर्भ की जानकारी विद्यार्थियों को दी।

कार्यक्रम के इस अवसर पर प्रतियोगिता के विजेताओं एवं प्रतिभागियों को बधाई दी गई तथा पंडित गोविंद बल्लभ पंत के आदर्शों एवं राष्ट्रसेवा की भावना को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षणेत्तर कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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