October 20, 2026

Naval Times News

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भगत सिंह चौक से शंकराचार्य चौक तक के पोलों पर चला प्रशासन का डंडा; केबल ऑपरेटरों के अवैध तार भी हटाए गए

हरिद्वार, 19 अक्टूबर 2026: धार्मिक नगरी हरिद्वार को सुंदर, सुव्यवस्थित और अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी पहल शुरू की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के कड़े निर्देशन में विद्युत विभाग ने शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों पर यातायात को बाधित कर रहे अनुपयोगी बिजली के खंभों (विद्युत पोल) को हटाने की बड़ी कार्रवाई की है।

इस अभियान के तहत विद्युत विभाग की टीम ने भगत सिंह चौक से शंकराचार्य चौक तक सड़क किनारे खड़े लगभग 15 ऐसे पोलों को उखाड़ फेंका, जो यातायात में बड़ी रुकावट बने हुए थे। इसके साथ ही इन पोलों पर निजी कंपनियों और स्थानीय केबल ऑपरेटरों द्वारा फैलाए गए तारों के जाल को भी पूरी तरह हटा दिया गया है।

सड़कों को बाधामुक्त और सुगम बनाना है मुख्य लक्ष्य

विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता दीपक सैनी ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के स्पष्ट आदेशों का पालन करते हुए पूरे शहर में ऐसे विद्युत पोलों को चिह्नित किया जा रहा है, जो वर्तमान में किसी उपयोग में नहीं हैं लेकिन उनके कारण सड़कों पर जाम और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य शहर की यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित करना है।

केबल ऑपरेटरों के तारों पर भी एक्शन

विभागीय अधिकारियों के मुताबिक, कई जगहों पर इन अनुपयोगी खंभों का इस्तेमाल निजी इंटरनेट और केबल टीवी ऑपरेटर अपने तार दौड़ाने के लिए कर रहे थे। इन लटकते तारों की वजह से न सिर्फ सड़कों पर अव्यवस्था फैल रही थी, बल्कि शहर की सुंदरता भी बिगड़ रही थी। प्रशासन ने पोल हटाने के साथ-साथ इन अनावश्यक केबलों को भी जब्त व साफ करने की कार्रवाई की है।

आगे भी जारी रहेगा अभियान

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि शहर के उन सभी संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों को चिह्नित किया जाए, जहां अनुपयोगी पोलों के कारण आमजन और तीर्थयात्रियों को आवागमन में परेशानी होती है। जिला प्रशासन का कहना है कि हरिद्वार की सड़कों को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त और नागरिकों के लिए सुगम बनाने के लिए विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय से यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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