कल 07 फरवरी को सभी की नजर विधानसभा कार्यवाही पर रहेगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से हमनें वर्ष 2022 में प्रदेश की जनता से राज्य में समान नागरिक संहिता कानून लाने का जो ‘संकल्प’ लिया था, उसे आज हम पूरा करने जा रहे हैं।
हमारी सरकार ने पूरी जिम्मेदारी के साथ समाज के सभी वर्गों को साथ लेते हुए समान नागरिक संहिता का विधेयक विधानसभा में पेश कर दिया है।
देवभूमि के लिए वह ऐतिहासिक क्षण निकट है जब उत्तराखण्ड प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के विजन ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ का मजबूत आधार स्तंभ बनेगा।
इधर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इस बिल को प्रवर समिति को सौंपे जाने की मांग की है विधानसभा की कल 07 फरवरी को कार्यसूची में मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की बात कही गई है
मुख्यमंत्री प्रस्ताव करेंगे कि समान नागरिक संहिता, उत्कण्ठ, 2024 विधेयक को पारित किया जाय।
संसदीय कार्यमंत्री प्रस्ताव करेंगे कि उतराखण्ड राज्न आन्दोलन के चिन्हित आन्दोलनकारियों या उनके आश्रितों को राजकीय सेवा में आरक्षण विधेयक, 2023 प्रवर समिति द्वारा यथा संसोधित पर विचार किया जाय।
संसदीय कार्यमंत्री प्रस्ताव करेंगे कि उतराखण्ड राज्य आन्दोलन के चिन्हित आन्दोलनकारियों या उनके आश्रितों को राजकीय रोष में आरक्षण विधेयक, 2023 प्रवर समिति द्वारा यथा संशोधित को पारित किया जाय।
कुल मिलाकर सरकार का प्रयास होगा कि बिल को इसी सत्र में पारित करा दिया जाए जबकि विपक्ष इस ड्राफ्ट को प्रवर समिति के पास भेजने पर जोर दे रहा है।



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