राजकीय महाविद्यालय नैनबाग में कार्यरत राजनीतिक विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ0 मधु बाला जुवाँठा एवं अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष श्री परमानंद चौहान द्वारा संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत शोध प्रस्ताव भेजा गया था जिसे सरकार द्वारा स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
शोध प्रस्ताव की प्रधान अन्वेषणकर्ता डॉ0 मधु बाला जुवाँठा ने बताया कि यह अध्ययन विलुप्त होते मोटे अनाजों की खेती पर आधारित है वर्तमान समय में मोटे अनाजों का महत्व देश-विदेश में बढ़ रहा है जो स्वास्थ्य लाभ के साथ ही आय का भी महत्वपूर्ण स्रोत बनता जा रहा है।
मोटे अनाजों के उत्पादन के प्रति जागरूकता पलायन की समस्या के निराकरण में भी महत्वपूर्ण है।
इस अध्ययन में टिहरी गढ़वाल के किसानों एवं उपभोक्ताओं से मोटे अनाजों के उत्पादन एवं उपभोग के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की जायेगी तथा उसके विलुप्त होते खेती के सम्बन्ध में उसके कारणों का अध्ययन किया जाएगा।
अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष श्री परमानंद चौहान इसमें सह-अन्वेषणकर्ता के रूप में कार्य करेंगे। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सुमिता श्रीवास्तव ने हर्ष व्यक्त किया तथा दोनों विभागों को अच्छे कार्य हेतु शुभकामनाएं दीं।
महाविद्यालय के समस्त स्टाफ ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त किया तथा शोधकर्ताओं को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की।
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