पौखाल, टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के अध्ययन केंद्र इंदर सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय पौखाल में आयोजित हुआ दीक्षारंभ कार्यक्रम
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय, हल्द्वानी के अध्ययन केंद्र 15035, इंदर सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय पौखाल, टिहरी गढ़वाल में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) सुरेश चन्द्र ममगाईं की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को दूरस्थ शिक्षा के महत्त्व, अध्ययन पद्धति, विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, परीक्षा प्रणाली तथा भविष्य की संभावनाओं से परिचित कराना था।
कार्यक्रम में अध्ययन केंद्र के समन्वयक डॉ. गोविन्द कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि दूरस्थ शिक्षा उन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक महत्त्वपूर्ण माध्यम है, जो विभिन्न कारणों से नियमित रूप से महाविद्यालय में उपस्थित होकर अध्ययन नहीं कर पाते हैं।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के माध्यम से विद्यार्थी अपने क्षेत्र में रहकर भी उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को अध्ययन केंद्र की कार्यप्रणाली, पाठ्यसामग्री की उपलब्धता, असाइनमेंट जमा करने की प्रक्रिया, परीक्षा प्रणाली तथा विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली शैक्षणिक सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन करने, समय प्रबंधन पर ध्यान देने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर सभी शैक्षणिक गतिविधियाँ पूर्ण करने के लिए प्रेरित किया गया।
सह-समन्वयक डॉ. बबीत कुमार बिहान ने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व विकास, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उन्नति का आधार है। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय की अध्ययन व्यवस्था नौकरीपेशा व्यक्तियों, ग्रामीण युवाओं तथा विभिन्न व्यस्तताओं के कारण नियमित शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता करने तथा अपने निर्धारित लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने के लिए प्रेरित किया।
योग शिक्षक श्री प्रकाश चन्द्र ने विद्यार्थियों को निर्देशित किया कि ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद वे अपने सभी आवश्यक दस्तावेज अध्ययन केंद्र में उपलब्ध कराएँ, ताकि प्रवेश आवेदन-पत्रों का सत्यापन किया जा सके।
उन्होंने विद्यार्थियों से असाइनमेंट संबंधी कार्य पूर्ण करने तथा परीक्षा केंद्र परिवर्तन से संबंधित आवश्यक औपचारिकताएँ समय पर पूरी करने का भी आग्रह किया। उन्होंने बताया कि आवश्यक प्रक्रियाएँ पूर्ण होने के बाद सभी कार्यक्रमों की परामर्श कक्षाएँ (काउंसलिंग क्लासेज) रविवार एवं अवकाश के दिनों में संचालित की जाएँगी। कक्षाओं के आयोजन संबंधी सूचना विद्यार्थियों को समूह के माध्यम से उपलब्ध करा दी जाएगी।
कार्यक्रम में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अंधरूति शाह, डॉ. बबीत कुमार बिहान, डॉ. पुष्पा झाबा, श्री अरविंद नारायण, डॉ. सर्वेश कुमार, योग शिक्षक श्री प्रकाश चन्द्र, कार्यालय कर्मचारीगण तथा छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। कुछ विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़े।
कार्यक्रम के माध्यम से नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दूरस्थ शिक्षा की प्रक्रिया एवं शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी प्रदान करते हुए विश्वविद्यालय की अध्ययन व्यवस्था से परिचित कराया गया।



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