देहरादून: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मालदेवता (रायपुर), देहरादून के इतिहास विभाग द्वारा हिमालय दिवस के अवसर पर दिनांक 09 सितम्बर 2026 को संगोष्ठी का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो० विनोद प्रकाश अग्रवाल के मार्गदर्शन, अध्यक्षता एवं सान्निध्य में हुआ। कार्यक्रम का मुख्य विषय “चिपको आंदोलन: हिमालयी पर्यावरण, शोषण, जन-संघर्ष और महिलाओं की भूमिका” रहा।
इस अवसर पर प्राचार्य महोदय द्वारा हिमालय की महत्ता व संरक्षण पर छात्रों को संबोधित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को हिमालयी पर्यावरण, वन संरक्षण, स्थानीय समुदायों के संघर्ष तथा चिपको आंदोलन में महिलाओं की ऐतिहासिक एवं सामाजिक भूमिका से परिचित कराना था। कार्यक्रम में चिपको आंदोलन के ऐतिहासिक, सामाजिक, आर्थिक, पर्यावरणीय एवं लैंगिक आयामों पर विद्यार्थियों एवं विषय विशेषज्ञ द्वारा विचार प्रस्तुत किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता एवं विषय विशेषज्ञ डॉ० विश्ववपति भट्ट, असि० प्रो०, वनस्पति विज्ञान द्वारा चिपको आंदोलन के पर्यावरणीय पक्ष पर प्रकाश डालते हुए हिमालयी पारिस्थितिकी, वन संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की प्रकृति के साथ सहजीवी संबंधों की महत्ता को रेखांकित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को हिमालयी पर्यावरण के प्रति संवेदनशील एवं उत्तरदायी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर विशेष अतिथि प्रो० मधु थपलियाल प्रो० जन्तु विज्ञान ने चिपको आंदोलन को हिमालयी समाज की पर्यावरणीय चेतना, जनभागीदारी तथा स्थानीय संसाधनों के संरक्षण से जोड़ते हुए आंदोलन में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर इतिहास विभाग द्वारा विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से छात्रों को हिमालय की महत्ता के संदर्भ मे जागरुक किया गया। अकादमिक गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास तथा विषय की व्यावहारिक एवं विश्लेषणात्मक समझ के लिए महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर आयोजित प्रतियोगिताओं के निम्न परिणाम रहे।
निबंध प्रतियोगिता के परिणाम
हिमालय दिवस के अवसर पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में
प्रथम स्थान: अंशिका डंगवाल, बी.ए. तृतीय सेमेस्टर
द्वितीय स्थान: प्रियांशी रावत, बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर
तृतीय स्थान: निशिका बिष्ट, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर
सांत्वना पुरस्कार: रेहान अली, बी.ए. तृतीय सेमेस्टर ने प्राप्त किया।
भाषण एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता के परिणाम
इसी क्रम में आयोजित भाषण एवं प्रस्तुतीकरण प्रतियोगिता में
प्रथम स्थान: सूरज रतूड़ी, बी.ए. पंचम सेमेस्टर
द्वितीय स्थान: कृष, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर
तृतीय स्थान: निहारिका, बी.ए. प्रथम सेमेस्टर
सांत्वना पुरस्कार: वासुतोष, बी.ए. पंचम सेमेस्टर को प्रदान किया गया।
विद्यार्थियों द्वारा चिपको आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वनों के व्यावसायिक दोहन, स्थानीय समुदायों के हितों, जन-संघर्ष, पर्यावरणीय चेतना तथा महिलाओं की भूमिका जैसे विभिन्न पक्षों पर प्रभावशाली प्रस्तुतियाँ दी गईं। प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों की विषयगत समझ, ऐतिहासिक दृष्टिकोण, अभिव्यक्ति एवं प्रस्तुतीकरण कौशल परिलक्षित हुआ।
मूल्यांकन समिति
प्रतियोगिताओं के मूल्यांकन हेतु गठित समिति में वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ० प्रीतपाल सिंह, एसो० प्रो०, गणित, डॉ० दिनेश कुमार, असि० प्रो०, राजनीति विज्ञान, डॉ० रामचंद्र सिंह नेगी, असि० प्रो०, अर्थशास्त्र, डॉ० शिव प्रसाद, असि० प्रो०, गणित, डॉ० मधुबाला जुंवाठा, असि० प्रो०, राजनीति विज्ञान तथा डॉ० अंशु सिंह, असि० प्रो०, शिक्षाशास्त्र सम्मिलित रहे। समिति द्वारा विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों एवं प्रतियोगिताओं का निष्पक्ष रूप से मूल्यांकन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, शिक्षणेत्तर वर्ग व छात्र-छात्रा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ० करुणा मिश्र, असि० प्रो०, इतिहास द्वारा किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों का सुव्यवस्थित संचालन करते हुए विद्यार्थियों की सहभागिता को प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम के अंत में इतिहास विभाग के विभाग प्रभारी डॉ० संदीप कुमार, असि० प्रो०, इतिहास द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रेषित किया गया। उन्होंने प्राचार्य, विशेष अतिथि, मुख्य वक्ता एवं विषय विशेषज्ञ, मूल्यांकन समिति के सभी सदस्यों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


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