ऋषिकेश: विश्व मच्छर दिवस World Mosquito Day के अवसर पर पंडित ललित मोहन शर्मा श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय परिसर, ऋषिकेश में स्वच्छता एवं जागरूकता अभियान चलाया गया।
अभियान का उद्देश्य मच्छरों से होने वाली बीमारियों के प्रति विद्यार्थियों एवं आमजन को जागरूक करना तथा परिसर के आसपास स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण बनाए रखना था।
अभियान के दौरान मेडिकल लैब टेक्नोलॉजी एवं माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विद्यार्थियों ने सक्रिय सहभागिता की। छात्र-छात्राओं ने परिसर के आसपास ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया, जमा हुए पानी वाले स्थानों की सफाई की तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त किया।
विद्यार्थियों ने लोगों को अपने आसपास पानी जमा न होने देने और स्वच्छता बनाए रखने के लिए भी जागरूक किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य जागरूकता विषय पर एक क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। क्विज प्रतियोगिता में विभाग के छात्र मोहित, राहुल एवं यश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के मा. कुलपति प्रो. अंबरीश कुमार महाजन ने कहा कि मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता के साथ-साथ स्वच्छता को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि परिसर को स्वच्छ और मच्छरमुक्त बनाए रखने के लिए विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार और समाज को भी स्वच्छता एवं मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के प्रति जागरूक करें।
परिसर निदेशक प्रो. एम. एस. रावत ने बताया कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए आसपास के क्षेत्रों में पानी का जमाव नहीं होने देना और नियमित रूप से स्वच्छता बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अभियान विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति सजगता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने अभियान में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
विभाग के समन्वयक प्रो. गुलशन कुमार ढींगरा, जो कि परिसर में उपस्थित नहीं थे, ने अपने संदेश में बताया कि मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए रोकथाम सबसे प्रभावी उपाय है।
उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अभियानों से जोड़ना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण बनाए रखना केवल संस्थान की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने, पानी का जमाव रोकने और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
इस अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों में स्वच्छता, स्वास्थ्य एवं सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया। छात्रों ने संदेश दिया कि स्वच्छ परिसर, स्वच्छ वातावरण और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की रोकथाम ही मच्छरजनित रोगों से बचाव का महत्वपूर्ण उपाय है।


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