हरिद्वार-23 फरवरी 2026: भोजन में पोषक तत्वों का होना तथा शरीर को उसका भरपूर लाभ मिलना स्वास्थ्य की प्राथमिक आवश्यकता है।
भोजन तथा पोषक तत्व एक सामान्य व्यक्ति तथा खिलाडी की दिनचर्या को स्फूर्ति प्रदान कर स्वस्थ्य शरीर का निर्माण करते है। भोजन मे असन्तुलन शरीर की जरूरत मे अवरोध पैदा करके रोगग्रस्त बनाते है।
पोषक तत्व में असन्तुलन शरीर की नाराजगी का कारण है तथा शरीर की यही नाराजगी मोटापे का कारण है।
यह बात गुरुकुल कांगडी समविश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ0 शिवकुमार चौहान ने प्रशिक्षु बी0पी0एड0 छात्रों को स्पोटर्स न्यूट्रिशन एण्ड वेट मैनेजमेंट पर छात्रों की समस्या समाधान तथा प्रेरक कक्षाओं मे बोली।
डॉ0 चौहान ने कहॉ कि आधुनिक परिवेश मे मोटापा एक असाध्य रोग बनता जा रहा हैं जिसका मूल कारण भोजन मे असन्तुलनता, अनियमित दिनचर्या, सक्रिय सहभागिता आदि मुख्य कारण है। छात्र जीवन मे इसके दुस्प्रभावों को दूर करने के लिए भोजन के पोषक तत्वों मे सन्तुलन तथा सक्रिय एवं व्यवस्थित दिनचर्या द्वारा बिना मेडिसिनल बेनिफिट एवं डॉक्टर एडवाईजरी के सुगमता से सन्तुलित रखा जा सकता है।
बी0पी0एड0 प्रशिक्षुओं मे कार्तिकेय कुमार, रूद्र कुमार, लोकेश कुमार, प्रशान्त राणा, अंकुर शर्मा, वंश नेगी, निशान्त कुमार, अंश शर्मा, निमेश गौतम, सिद्वार्थ आदि उपस्थित रहे।



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