November 2, 2026

Naval Times News

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संस्कृति स्कूल में 22वाँ वार्षिकोत्सव “EIRA” संपन्न: नन्हे बच्चों ने बिखेरा सपनों और रचनात्मकता का जादू

नवल टाइम्स,हरिद्वार: संस्कृति स्कूल में इस वर्ष 2026 का दो दिवसीय 22वाँ वार्षिक समारोह “EIRA: द सिम्फनी ऑफ ड्रीम्स” विषय पर बेहद भव्य और श्रृंखलाबद्ध रूप से संपन्न हुआ।

उत्साह और उमंग से लबरेज इस आयोजन में स्कूल के नन्हे विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास की ऐसी मनमोहक झलक दिखाई कि पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस वर्ष के आयोजन का मुख्य विषय बचपन की उस जादुई दुनिया को समर्पित था, जहाँ हर छोटा-सा सपना अपने भीतर एक मधुर धुन समेटे होता है।

अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन व भव्य शुभारंभ

समारोह के पहले दिन का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. पूनम शर्मा एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रियंका शर्मा ने किया। वहीं, दूसरे सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में अर्चना जैन एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अंतिमा सिंह उपस्थित रहीं। सभी अतिथियों ने पंजवानी परिवार के सम्मानित सदस्यों, निदेशक दिव्या पंजवानी एवं प्रधानाचार्या श्वेता सहगल की उपस्थिति में दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके पश्चात दोनों दिन शिक्षकों द्वारा स्वागत गीत और विद्यार्थियों द्वारा गणेश वंदना की खूबसूरत एकल प्रस्तुतियाँ दी गईं।

रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में झलके सामाजिक संदेश

स्कूली बच्चों ने मंच पर विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक विषयों को बेहद प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया:

• महिला सशक्तिकरण व देशभक्ति: “झाँसी की रानी” की प्रस्तुति के माध्यम से बच्चों ने साहस, देशभक्ति और महिला सुरक्षा का सशक्त संदेश दिया। इसके साथ ही पंजाबी देशभक्ति गीतों पर भी शानदार प्रस्तुतियाँ हुईं।

• पर्यावरण संरक्षण: “सेव ट्रीज़” नाटिका के ज़रिए पेड़ों के महत्व को दर्शाते हुए पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक किया गया।

• बचपन की मासूमियत: “एनिमल किंगडम” में बच्चों ने जानवरों की दुनिया को मंच पर उतारा, वहीं “चिल्ड्रन्स मॉर्निंग टैंट्रम्स” प्रस्तुति ने छोटे बच्चों के सुबह के नटखटपन और चंचल अंदाज़ को हास्यपूर्ण ढंग से दिखाकर सबको लोटपोट कर दिया।

• सांस्कृतिक विरासत: देवी दुर्गा के नौ रूपों पर आधारित प्रस्तुति ने भारत की समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की बेहद सुंदर झलक प्रस्तुत की।

विद्यार्थियों के समग्र विकास और उनकी सालभर की मेहनत को सराहने के लिए उन्हें सम्मानित अतिथियों एवं पंजवानी परिवार के सदस्यों द्वारा “ऑल-राउंडर एक्सीलेंस अवॉर्ड” और “ग्रोइंग अचीवर अवॉर्ड” जैसे विशेष पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

इस गौरवपूर्ण अवसर पर प्रधानाचार्या श्रीमती श्वेता सहगल ने कहा, “Eira – द सिम्फनी ऑफ ड्रीम्स नन्हे दिलों, असीमित सपनों और बचपन के जादू का उत्सव था। जब ये नन्हे कदम मंच पर आए, तो वे अपने से कहीं बड़े सपनों को साकार करने का जज़्बा लेकर आए। यह पूरे संस्कृति परिवार के लिए गर्व का क्षण है।” वहीं, निदेशक श्रीमती दिव्या पंजवानी ने विद्यार्थियों व शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और अभिभावकों के निरंतर सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

इस भव्य समारोह को सफल बनाने में श्रीमती प्रेरणा अरोड़ा, डॉ. आराधना वशिष्ठ, श्रीमती ललिता पांडे, श्रीमती सीमा सिंह, श्रीमती मेघा गौर, सुश्री आयुषी पंवार, श्रीमती सोनिया कौर बेदी, श्रीमती रश्मि ओझा, सुश्री इशिका खन्ना और सुश्री दुर्गा कुमारी के समर्पित प्रयासों के साथ-साथ गैर-शिक्षण कर्मचारियों का भी बहुमूल्य योगदान रहा।

कार्यक्रम के अंत में सभी बच्चों, अभिभावकों और अतिथियों को रिफ्रेशमेंट एवं उपहार वितरित किए गए। अंततः राष्ट्रगान के साथ इस यादगार और प्रेरणादायी समारोह का समापन बेहद हर्षोल्लासपूर्ण वातावरण में हुआ।

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