November 3, 2026

Naval Times News

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सीएम धामी ने लॉन्च किया ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’, ‘विकसित उत्तराखंड विजन 2047’ का भी विमोचन

देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को राज्य में सुशासन और डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करते हुए ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के दीर्घकालिक विकास की रूपरेखा तय करने वाले ‘विकसित उत्तराखंड विजन 2047’ दस्तावेज का विमोचन भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ये दोनों पहलें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने और उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने में मील का पत्थर साबित होंगी।
‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ से मिलेगी विशिष्ट आईडी
प्रमुख सचिव नियोजन आर. मीनाक्षी सुंदरम ने बताया कि इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य राज्य के परिवारों का एक एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार करना है। पंजीकरण के बाद हर परिवार को एक विशिष्ट देवभूमि परिवार आईडी मिलेगी, जिससे नागरिकों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। इसके संचालन के लिए राज्य स्तर पर ‘देवभूमि परिवार प्राधिकरण’ का गठन किया जाएगा।
विजन 2047: 28 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तराखंड को वर्ष 2047 तक विकसित बनाने के लिए 440 संकेतकों के आधार पर दीर्घकालिक लक्ष्य तय किए गए हैं। विजन के मुख्य आकर्षण इस प्रकार हैं:
  • आर्थिक लक्ष्य: वर्ष 2047 तक प्रदेश की अर्थव्यवस्था (GSDP) को 28 लाख करोड़ रुपये और प्रति व्यक्ति आय को करीब 20 लाख रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य है।
  • सामाजिक सुधार: बेरोजगारी दर को घटाकर 3.5 प्रतिशत और बहुआयामी गरीबी को 0.61 प्रतिशत तक लाने का संकल्प लिया गया है।
  • ऊर्जा व पर्यावरण: स्थापित ऊर्जा क्षमता को 22 हजार मेगावाट और वन आच्छादन को 46.6 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य है।
तेजी से बढ़ रही है उत्तराखंड की आर्थिकी
मुख्यमंत्री धामी ने डबल इंजन सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था डेढ़ गुना से अधिक बढ़ चुकी है। पिछले एक साल में GSDP में 7.23% की वृद्धि हुई है, जबकि प्रति व्यक्ति आय में 41% और रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसके साथ ही ‘लखपति दीदी योजना’ के तहत प्रदेश की 3 लाख से अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो चुकी हैं। सीएम ने अधिकारियों को प्रकृति और प्रगति के बीच संतुलन बनाते हुए इन लक्ष्यों की समयबद्ध समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं।

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