August 22, 2026

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राजकीय महाविद्यालय कमांद में NEP 2020 के छह वर्ष पूर्ण होने पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन

कमांद, टिहरी गढ़वाल, 22 अगस्त 2026। राजकीय महाविद्यालय कमांद, टिहरी गढ़वाल में अखिल भारतीय शिक्षा समागम (ABSS) के तत्वावधान में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर विभिन्न अकादमिक, जागरूकता, कौशल विकास, उद्यमिता, सांस्कृतिक एवं विद्यार्थी-केंद्रित गतिविधियों तथा प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

कार्यक्रमों का आयोजन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर गौरी सेवक के मार्गदर्शन एवं संरक्षण तथा ABSS कार्यक्रम की नोडल अधिकारी एवं चीफ प्रॉक्टर डॉ. शेफाली शुक्ला के निर्देशन में महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा किया गया।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में 11 अगस्त 2026 को “NEP 2020 के परिवर्तनकारी प्रभाव” विषय पर लेख लेखन प्रतियोगिता आयोजित की गई।

जिसके आयोजन में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रवीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने NEP 2020 के अंतर्गत शिक्षा में हो रहे परिवर्तन, कौशल-आधारित शिक्षा, नवाचार, शोध, डिजिटल शिक्षा, रोजगारपरकता तथा समग्र व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।

19 अगस्त 2026 को डॉ. राकेश नौटियाल द्वारा PowerPoint Presentation के माध्यम से विद्यार्थियों को NEP 2020 के प्रमुख प्रावधानों, बहुविषयक शिक्षा, कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा, भारतीय ज्ञान परंपरा एवं समग्र व्यक्तित्व विकास के संबंध में जानकारी दी गई। इसी क्रम में डॉ. दीपक राणा द्वारा महाविद्यालय में NEP 2020 के अंतर्गत आयोजित विभिन्न अकादमिक, सांस्कृतिक, कौशल विकास एवं रोजगारपरक गतिविधियों पर आधारित डॉक्यूमेंटरी फिल्म विद्यार्थियों को दिखाई गई।

इसी दिन “NEP सफलता कहानी नेटवर्क” के अंतर्गत महाविद्यालय की छात्रा शिवानी ने NEP 2020 से प्राप्त शैक्षणिक अवसरों एवं अपने अनुभवों को अन्य छात्र-छात्राओं के साथ साझा किया।

उन्होंने बताया कि NEP 2020 के अंतर्गत उपलब्ध प्रावधान के माध्यम से उन्हें बी.ए. चतुर्थ वर्ष में अध्ययन का अवसर प्राप्त हुआ तथा उन्होंने चतुर्थ वर्ष की शिक्षा उत्कृष्ट अंकों से सफलतापूर्वक पूर्ण की। उन्होंने अन्य विद्यार्थियों को भी NEP 2020 के अंतर्गत उपलब्ध शैक्षणिक अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने तथा अपने ज्ञान एवं कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

20 अगस्त 2026 को “NEP 2020 से विकसित भारत@2047 की ओर : लक्ष्य, भविष्य का रोडमैप एवं संभावनाएँ” विषय पर एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन वेबिनार आयोजित किया गया।

वेबिनार के आयोजन एवं समन्वय में असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. प्रवीन की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के व्यापक उद्देश्यों, बदलते शैक्षिक परिदृश्य तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्य से जोड़ने के उद्देश्य से विशेषज्ञ वक्ताओं को आमंत्रित कर एक सार्थक एवं ज्ञानवर्धक संवाद का मंच प्रदान किया। वेबिनार में चमन लाल महाविद्यालय, लंढौरा, रुड़की के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नीशू कुमार ने ऑनलाइन माध्यम से NEP 2020 की दूरगामी दृष्टि, गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा, कौशल विकास तथा विकसित भारत@2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति में शिक्षा की भूमिका पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

वहीं BHU से श्री मयंक ने “भारतीय ज्ञान चिंतन परंपरा” विषय पर व्याख्यान देते हुए भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल चिंतन, उसके विविध आयामों तथा वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में उसकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। इसी दिन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर गौरी सेवक द्वारा “जलवायु परिवर्तन एवं उससे उत्पन्न चुनौतियाँ : प्रभाव, संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में उपाय” विषय पर PowerPoint Presentation के माध्यम से महत्वपूर्ण व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।

उन्होंने  वर्तमान समय में बढ़ते औद्योगीकरण एवं प्रदूषण के कारण उत्पन्न हो रहे जलवायु परिवर्तन, उसके पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभावों तथा उससे उत्पन्न विभिन्न चुनौतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली एवं सतत विकास के उपायों पर चर्चा की। इसके साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. दीपक राणा द्वारा “कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) एवं उसके परिवर्तनकारी प्रभाव : संभावनाएँ, चुनौतियाँ एवं जिम्मेदार उपयोग” विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। विद्यार्थियों को AI की उपयोगिता, शिक्षा एवं रोजगार में इसकी संभावनाओं तथा डेटा गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, तकनीकी निर्भरता, रोजगार के बदलते स्वरूप एवं नैतिक चुनौतियों से परिचित कराया गया।

इसी विषय पर “कृत्रिम बुद्धिमत्ता : वरदान या चुनौती?” विषय पर छात्र-छात्राओं के मध्य वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए AI के विभिन्न सकारात्मक एवं चुनौतीपूर्ण पक्षों पर अपने तर्क प्रस्तुत किए।

21 अगस्त 2026 को NEP 2020 के कौशल-आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा के लक्ष्यों के अनुरूप देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में देवभूमि उद्यमिता योजना के जनपद टिहरी गढ़वाल के नोडल अधिकारी श्री दिग्विजय सिंह जी द्वारा विद्यार्थियों को उद्यमिता, व्यवसायिक विचारों की पहचान, कौशल विकास, नवाचार एवं स्वरोजगार की संभावनाओं के संबंध में प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्रदान किया गया। विद्यार्थियों को केवल जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब प्रोवाइडर एवं सफल उद्यमी बनने तथा अपने कौशल एवं रचनात्मक विचारों को उद्यम में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित किया गया।

इसी अवसर पर “विकसित भारत@2047 की दिशा में कौशल विकास एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका” विषय पर विद्यार्थी संवाद आयोजित किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने कौशल विकास, तकनीकी दक्षता, AI के शैक्षिक एवं रोजगारपरक उपयोग, नवाचार तथा भविष्य की कार्य-संस्कृति में होने वाले परिवर्तनों पर अपने विचार साझा किए।

कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत विद्यार्थियों के अभिभावकों के साथ संवाद एवं परामर्श कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर गौरी सेवक द्वारा उच्चतर शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध वर्तमान शैक्षणिक एवं व्यावसायिक अवसरों, कौशल-आधारित एवं रोजगारपरक शिक्षा, शोध एवं नवाचार तथा उच्च शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों पर अभिभावकों एवं शिक्षकों के साथ विचार-विमर्श किया गया।

इस प्रकार 11 अगस्त से 21 अगस्त 2026 तक आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को NEP 2020 के महत्वपूर्ण आयामों—कौशल विकास, उद्यमिता, नवाचार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, भारतीय ज्ञान चिंतन परंपरा, पर्यावरण संरक्षण, बहुविषयक शिक्षा, विकसित भारत@2047 तथा उच्च शिक्षा में उपलब्ध अवसरों—से परिचित कराया गया।

महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर गौरी सेवक ने सभी प्राध्यापकों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों को ज्ञान ऐ के साथ कौशल, नवाचार, आत्मनिर्भरता एवं जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उन्होंने कहा कि NEP 2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को बदलते वैश्विक परिदृश्य के अनुरूप सक्षम, कुशल, नवाचारी एवं आत्मनिर्भर नागरिक के रूप में तैयार करना है।

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