सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष डीपी यादव ने खुद को पिस्टल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
आत्महत्या का कारण डिप्रेशन बताया जा रहा है। सपा ने लोकसभा चुनाव के दौरान उन्हें पद से हटा कर जयवीर सिंह यादव को जिला अध्यक्ष बना दिया था।
डीपी यादव अपनी पत्नी, बेटे अंकित यादव और बेटी अंजली के साथ मुरादाबाद के मझोला के बुद्धि विहार में दो मंजिला आवास में रहते थे। शुक्रवार को डीपी यादव परिवार के साथ हरिद्वार गए थे। शाम को ही हरिद्वार से लौटे थे। शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे वह अचानक गायब हो गए थे।
डीपी याद के घर में दिखाई न देने पर उनको घर में ढूंढ़ा गया। इसके बाद नौकर ने ग्राउंड फ्लोर पर कमरों को चेक किया लेकिन वह किसी भी कमरे में मौजूद नहीं थे। तब उसने देखा कि स्टोर रूम का दरवाजा अंदर से बंद था।
नौकर के शोर मचाने पर बेटे, बेटे और पत्नी नीचे आ गए। तब धक्का मारकर स्टोर रूम का दरवाजा खोल कर देखा। फर्श पर डीपी यादव का शव पड़ा था, जबकि पास में ही पिस्टल पड़ी थी।
घटना की जानकारी मिलने पर आस पड़ोस के लोग आ गए और पुलिस को सूचना दी। एसएसपी हेमराज मीना, एसपी क्राइम सुभाष चंद्र गंगवार और सीओ सिविल लाइंस अर्पित कपूर मौके पर पहुंच गए और मौका मुआयना किया और परिवार से पूछताछ की।
फोरेंसिक टीम ने मौके से नमूने लिए हैं। पुलिस ने पिस्टल कब्जे में ले ली गई है। एसएसपी हेमराज मीना ने बताया कि परिवार से पूछताछ में पता चला है कि डीपी यादव पिछले कुछ समय से डिप्रेशन में चल रहे थे। पुलिस टीमें हर एंगल पर जांच पड़ताल कर रही है।
मुरादाबाद से सांसद डॉ. एसटी हसन का टिकट कटने के बाद सपा में चल रही खींचतान के बीच मतदान से कुछ दिन पहले जिलाध्यक्ष डीपी यादव को पद से हटा दिया गया था। उनकी जगह पूर्व जिलाध्यक्ष जयवीर सिंह यादव को जिलाध्यक्ष बनाया गया था। उस समय सपा प्रत्याशी से दूरी बनाना डीपी यादव को पद से हटाने की वजह बताई गई।



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