पाबौ: विश्व पर्यावरण दिवस के शुभ अवसर पर राजकीय महाविद्यालय पाबौ (पौड़ी गढ़वाल) द्वारा एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार “पर्यावरणीय चेतना एवं सतत विकास” का आयोजन किया गया।
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो0 एस0पी0 शर्मा द्वारा सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया गया। राष्ट्रीय वेबीनार के संयोजक डॉ0 मुकेश कुमार द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा एवं अतिथियों का परिचय कराया गया।
राष्ट्रीय वेबीनार के मुख्य वक्ता भरत गिरी गोसाई, असिस्टेंट प्रोफेसर वनस्पति विज्ञान, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कपकोट ने अपने व्याख्यान के माध्यम से बताया कि सतत विकास की अवधारणा केवल वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि भविष्य की पीढ़ियां के लिए संसाधनों का संरक्षण भी आवश्यक है।
पर्यावरण संरक्षण हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है परंतु मानव ने अपने स्वार्थ के लिए प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन कर पर्यावरण संकट की एक नई चुनौती को जन्म दिया है। आज मानव को हरित मानसिकता विकसित करने की आवश्यकता है। दैनिक कार्यों में प्लास्टिक का काम से कम प्रयोग किया जाए ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके।
घरों से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थों को अलग-अलग वर्गों में विभाजित कर उचित निस्तारण किया जाना चाहिए। किसान जैविक खेती को बढ़ावा दे। कृषि कार्यों मे कम से कम कीटनाशकों तथा उर्वरकों का प्रयोग किया जाए। प्रत्येक नागरिक अपने घर के आसपास पौधे लगाए, कम बिजली, कम पानी, कम ईंधन तथा कम पेट्रोल-डीजल का प्रयोग करे।
जन्मदिवस, वैवाहिक वर्षगांठ अथवा कोई भी शुभ अवसर पर पौधारोपण कर उनके देखभाल करके पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है। विद्यार्थियों को मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता है ताकि विद्यार्थी केवल तकनीक दक्षता न प्राप्त करें बल्कि पर्यावरणीय चेतना और सतत विकास के लिए उत्तरदाई नागरिक भी बने।
कार्यक्रम के अंत में डॉ0 सौरभ द्वारा सभी वक्ताओं एवं प्रतिभागियो का धन्यवाद यापित किया गया।


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